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राजस्थान : हाईकमान से मिलकर पायलट की तल्खी दूर, शिकायतों पर विचार करेगी समिति

Tue, 11 Aug 2020 03:41 AM IST
संजीव कुमार झा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सचिन पायलट, प्रियंका गांधी एवं अन्य नेताओं के साथ - फोटो : Facebook@Sachin Pilot
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अपनी ही सरकार के खिलाफ बगावत करने वाले राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट के तेवर नरम पड़ गए हैं। इसके चलते अशोक गहलोत सरकार का संकट टलता दिख रहा है। करीब 31 दिन की खुली नाराजगी के बाद पायलट ने सोमवार को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की।

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देर रात, 15 गुरुद्वारा रकाबगंज रोड स्थित कांग्रेस के वॉर रूम में प्रियंका के साथ दूसरी बैठक के बाद पायलट ने एक फेसबुक पोस्ट साझा की जिसमें उन्होंने लिखा कि मैं सोनिया जी, राहुल जी, प्रियंका गांधी जी और कांग्रेस नेताओं को हमारी शिकायतों पर ध्यान देने और उन्हें संबोधित करने के लिए धन्यवाद देता हूं। मेरा विश्वास दृढ़ है और मैं एक बेहतर भारत के लिए काम करता रहूंगा। उन्होंने कहा कि  राजस्थान के लोगों से किए गए वादों को पूरा करने और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करने के लिए मैं हमेशा संघर्ष करता रहूंगा। इस फेसबुक पोस्ट में उन्होंने प्रियंका गांधी समेत कांग्रेस के अन्य नेताओं के साथ दो तस्वीरें भी साझा की।

इससे पहले पायलट ने कहा कि हमारी लड़ाई पद की नहीं, सम्मान की थी। पार्टी पद देती है तो ले भी सकती है। हम अपनी बात पहुंचाना चाहते थे और पार्टी ने हमारी बात सुनी भी। इससे पहले, पायलट खेमे की शिकायताें को सुलझाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने तीन सदस्यीय समिति का गठन किया।
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सूत्रों के मुताबिक, गहलोत से खुली बगावत के बावजूद पायलट लगातार शीर्ष नेतृत्व के संपर्क में थे। इसी क्रम में पायलट और उनके समर्थक विधायकों ने रविवार को कांग्रेस के कुछ वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की, जिसके बाद उनकी राहुल के साथ बैठक तय हुई।

कांग्रेस आलाकमान पायलट सहित बागी विधायकों की वापसी के फार्मूले और भविष्य की भूमिका पर मंथन कर रहा है। दिनभर में दो बार हुई बैठकों में पायलट को यह स्पष्ट किया गया कि उन्हें सीएम पद नहीं मिलेगा। सूत्रों के मुताबिक कुछ समय बाद पायलट को कांग्रेस के केंद्रीय संगठन में भूमिका मिल सकती है।

यह भी पढ़ें: पार्टी हित में कुछ मुद्दों को उठाना जरूरी था, जल्द सुलझेंगे सभी विवाद : सचिन पायलट

वेणुगोपाल, पटेल, प्रियंका की समिति
कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा, हमारे सीएम गहलोत और पायलट दोनों खुश हैं। पायलट पार्टी के लिए काम करने को प्रतिबद्ध हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की ओर से पायलट की शिकायतों पर विचार के लिए बनी समिति में पार्टी कोषाध्यक्ष अहमद पटेल, प्रियंका गांधी के साथ ही वेणुगोपाल भी शामिल हैं। देर रात कांग्रेस वार रूम में हुई बैठक में तीनों नेता मौजूद थे।

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सोनिया ने की गहलोत से बात

राहुल-पायलट की मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत से फोन पर बात की। माना जा रहा है इस दौरान उन्होंने विवाद के समाधान का रास्ता निकालने को कहा। इस बीच, पायलट खेमे के बागी विधायक राजस्थान लौटने लगे हैं। सोमवार को पार्टी से निलंबित विधायक भंवरलाल शर्मा जयपुर में गहलोत से मिले। वहीं, मंगलवार को पायलट सहित बाकी विधायक भी लौट सकते हैं।

यह भी पढ़ें: राजस्थान की राजनीति में नया मोड़, पायलट खेमे के नेता ने की गहलोत से मुलाकात, कहा कोई नाराजगी नहीं

ऐसे खुली सुलह की राह

गहलोत के खिलाफ खुली बगावत के चलते पायलट और बागी विधायकों की वापसी की राह आसान नहीं थी। पायलट से मुलाकात के दौरान वरिष्ठ नेताओं ने स्पष्ट किया था कि बिना शर्त माफी मांगने पर ही उन्हें शीर्ष नेतृत्व से मिलाया जाएगा। राहुल से बैठक के दौरान पायलट खेमे को स्पष्ट कहा गया कि अगर विधानसभा सत्र के दौरान बहुमत परीक्षण की स्थिति बनी तो सभी विधायकों को सरकार के समर्थन में वोट देना होगा।

दरअसल, विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में एसओजी ने अंतिम रिपोर्ट सौंपी, जिसमें राष्ट्रद्रोह की धारा हटा दी गई। पायलट इसी मामले में नोटिस मिलने से नाराज हुए थे। इस बीच, गहलोत ने विधायक दल की बैठक में संकेत दिए थे कि अगर आलाकमान बागी विधायकों को माफ करता है तो उन्हें फैसला मंजूर होगा।
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जो वादे किए थे उन्हें पूरा करना जरूरी : पायलट

पायलट ने कहा कि आज से डेढ़ साल पहले हम जीतकर आए तब कांग्रेस अध्यक्ष ने मुझे डिप्टी सीएम पद की जिम्मेदारी दी। इस डेढ़ साल का जो अनुभव रहा उसे मैं आलाकमान के सामने रखना चाहता था और मैंने सारी बातें बताई हैं। मैंने कभी ऐसी भाषा, भावना या आचरण नहीं किया जो किसी के योग्य न हो। हम कांग्रेस से जीतकर आए हैं।

हमने जनता से जो वादे किए हैं उन्हें पूरा करना जरूरी है। जिन लोगों की मेहनत से सरकार बनी उनकी सरकार में भागीदारी होनी चाहिए। पार्टी ने हमारी बात सुनी और एक समिति बनाई, जो समयबद्ध तरीके से इन सब बातों का अच्छा निराकरण करेगी।

मैं शुरू से कह रहा हूं कि ये बातें सिद्धांत पर आधारित थीं। मुझे हमेशा लगा कि पार्टी के हित में इन चीजों को उठाना जरूरी है। प्रियंका जी ने हमारी और विधायकों की बातों को खुले मन से सुना है। इसके लिए उनका शुक्रिया।
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