राजस्थान में विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा अभी से मिशन मोड में आ चुकी हैं। अगले 15 माह के लिए पार्टी ने अभी से चुनाव अभियान का खाका तैयार कर लिया है। एक साल पहले से ही पार्टी आक्रमक तरीके से चुनावी मैदान में उतरेगी। इसके तहत पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा अगले तीन माह में प्रदेश में एक के बाद एक बड़ी रैलियां कर चुनावी माहौल को हवा देंगे। दिग्गज नेताओं की रैलियां मेवाड़, वागड़, अजमेर सहित राजस्थान के प्रमुख चार हिस्सों में करने की तैयारी है। प्रदेश की अशोक गहलोत सरकार के खिलाफ भाजपा नवंबर से लगातार बड़े आंदोलन भी करने जा रही है।
अमर उजाला से चर्चा में प्रदेश एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि केंद्रीय नेतृत्व ने सभी नेताओं से आपसी मतभेद भुलाकर संगठन हित में लगातार कार्य कर पार्टी को चुनावों में सफलता दिलाने पर जोर दिया है। प्रदेश की कांग्रेस सरकार कुछ माह बाद चार साल पूरे होने पर कई तरह के कार्यक्रम करने की योजना बना रही है। इसी के जवाब में भाजपा भी कांग्रेस सरकार की कमियां जनता तक ले जाने का काम शुरू करेगी। इसके अलावा प्रदेश संगठन के कार्यकर्ता जनता को उन योजनाओं के बारे में जानकारी भी देंगे, जिससे उन्हें फायदा मिल रहा है या फायदा मिल सकता है। क्योंकि कांग्रेस की गहलोत सरकार लगातार चुनाव को देखते हुए लगातार लोकलुभावन वादे कर रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने हाल ही में राजस्थान के प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया और प्रदेश संगठन महामंत्री की बैठक की। केंद्रीय नेतृत्व ने प्रदेश के नेताओं की अहम बैठक में सभी पदाधिकारियों को संगठन हित में एकजुट होकर गहलोत सरकार के खिलाफ एक्शन मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। राष्ट्रीय नेतृत्व ने प्रदेश के नेताओं से कहा, भाजपा लगातार जनता से जुड़े मुददों पर गहलोत सरकार के खिलाफ आक्रमक रणनीति बनाने में जुटी हुई हुई। इस दौरान राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर तैयार हुए सभी कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक जमीन पर उतारने का जिम्मा भी प्रदेश नेतृत्व के कंधों पर सौंपा गया है।