राज्यों में कोयला संकट को लेकर केंद्र ने कहा है कि कुछ राज्यों की बदइंतजामी के चलते हालात बिगड़े हैं। केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने आज कहा कि राजस्थान कोयला संकट के दौर से गुजर रहा है जो उसने खुद ही पैदा किया है। उन्हें कैप्टिव कोयला खदानें दी गई हैं। खनन में जो भी दिक्कतें आई हैं, ये उनकी अपनी हैं।
झारखंड पर हजारों करोड़ का बकाया
उन्होंने कहा, इसी तरह झारखंड ने भी अपनी समस्याएं खुद खड़ी की हैं। हमारे कोयला मंत्री को इस मुद्दे को सुलझाने के लिए कई बार वहां जाना पड़ा। उन पर डीवीसी का हजारों करोड़ का कर्ज है। बिजली मुफ्त नहीं है, अगर आप उन्हें भुगतान नहीं करेंगे तो वे आपको कैसे देंगे? हमने विभिन्न राज्यों को कई लाख टन कोयला आवंटित किया है। लेकिन वे इसे नहीं उठा रहे हैं। किसे दोष देंगे?
बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश के कई राज्यों में जारी कोयला व बिजली संकट को लेकर 2 मई को उच्च स्तरीय बैठक बुलाई थी। यह बैठक शाह के निवास पर हुई। इसमें ऊर्जा मंत्री आरके सिंह, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव व कोयला मंत्री प्रहलाद जोशी मौजूद थे। देश के कई राज्यों में जहां प्रचंड गर्मी के चलते बिजली की मांग बढ़ी है, वहीं इसकी आपूर्ति भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है।
बीपीएससी परीक्षा मामला दिल को झकझोरने वाला
बीपीएससी परीक्षा टलने के मुद्दे पर केंद्रीय ऊर्जा मंत्री ने कहा, यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि बीपीएससी परीक्षा में बैठने के लिए लाखों लोग साल भर में तैयारी करते हैं। लोगों सोचते हैं कि परीक्षा ईमानदारी से और निष्पक्ष होगी, लेकिन ऐसी घटनाएं होती हैं। यह लाखों लोगों के दिलों को झकझोर देता है। बीपीएससी अध्यक्ष सुनिश्चित करें कि ऐसा दोबारा न हो।