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Rajasthan BJP List: 2018 में 41 में से 39 सीटों पर हारी थी भाजपा; जहां से सांसद मैदान में, वहां कैसे थे नतीजे?

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Mon, 09 Oct 2023 08:17 PM IST

सार

Rajasthan Election 2023: भाजपा ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 41 उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी। जिन 41 सीटों पर भाजपा ने उम्मीदवार तय किए हैं उनमें से 39 पर उसे 2018 में हार का समाना करना पड़ा था। 
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Rajasthan BJP List - फोटो : Amar Ujala
भाजपा ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 41 उम्मीदवारों की पहली सूची सोमवार को जारी कर दी। पहली सूची में जिन सीटों पर उम्मीदवारों का एलान किया गया है उनमें से सिर्फ एक सीट पर इस वक्त भाजपा का विधायक है। 2018 के चुनाव में भाजपा को इनमें से 39 सीटों पर हार मिली थी। वहीं, मंडावा सीट पर 2019 में हुए उपचुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। 

राजस्थान विधानसभा के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची में सात सांसदों को भी टिकट दिया गया है। इनमें राजसमंद से सांसद दिया कुमारी, झुंझुनू से सांसद नरेंद्र कुमार, जयपुर ग्रामीण से सांसद और पूर्व मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, अलवर से सांसद बाबा बालकनाथ, अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी, जालोर के सांसद देवजी पटेल और राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा शामिल हैं। 
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Rajasthan BJP List - फोटो : Amar Ujala
भाजपा ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए 41 उम्मीदवारों की पहली सूची सोमवार को जारी कर दी। पहली सूची में जिन सीटों पर उम्मीदवारों का एलान किया गया है उनमें से सिर्फ एक सीट पर इस वक्त भाजपा का विधायक है। 2018 के चुनाव में भाजपा को इनमें से 39 सीटों पर हार मिली थी। वहीं, मंडावा सीट पर 2019 में हुए उपचुनाव में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा था। 

राजस्थान विधानसभा के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची में सात सांसदों को भी टिकट दिया गया है। इनमें राजसमंद से सांसद दिया कुमारी, झुंझुनू से सांसद नरेंद्र कुमार, जयपुर ग्रामीण से सांसद और पूर्व मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़, अलवर से सांसद बाबा बालकनाथ, अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी, जालोर के सांसद देवजी पटेल और राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा शामिल हैं। 

Rajasthan BJP List - फोटो : Amar Ujala
झुंझुनू सांसद पर फिर मंडावा जिताने की जिम्मेदारी 
राजस्थान की 41 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों की पहली सूची में सिर्फ दो सीटें ऐसी हैं जिन पर 2018 में भाजपा को जीत मिली थी। इनमें जयपुर जिले की विद्याधर नगर विधानसभा सीट और झुंझुनू जिले की मंडावा विधानसभा सीटें शामिल हैं। मंडावा से 2018 में जीते नरेंद्र कुमार को फिर से टिकट दिया गया है। नरेंद्र कुमार 2013 में यहां से निर्दलीय और 2018 में भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज कर चुके हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में नरेंद्र कुमार को झुंझुनू लोकसभा सीट से जीतकर सांसद बने। इसके बाद हुए उप चुनाव में यहां से कांग्रेस की रीटा चौधरी ने जीत दर्ज की थी। 


 

पांच बार के विधायक का टिकट काट जयपुर की राजकुमारी को टिकट
जयपुर जिले की विद्याधर नगर सीट से राजसमंद से सांसद दिया कुमारी की टिकट दिया गया है। दिया कुमारी जयपुर राजघराने से ताल्लुक रखती हैं। 2019 में विधायक बनने पहले दिया सवाई माधोपुर से विधायक रह चुकी हैं। दिया को नरपत सिंह राजवीं की जगह यहां से टिकट दिया गया है। राजवीं 1993 से पांच बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। 2008, 2013 और 2018 में उन्होंने विद्याधर नगर सीट से जीत दर्ज की थी। इसके पहले वह 1993 और 2003 में चित्तौड़गढ़ जिले की चित्तौड़गढ़ विधानसभा सीट से भी विधायक रहे थे। 

Rajasthan Election 2023 - फोटो : AMAR UJALA
41 में 39 सीटों पर 2018 में मिली थी हार
जिन 41 सीटों पर भाजपा ने उम्मीदवार तय किए हैं उनमें से 39 पर उसे 2018 में हार का समाना करना पड़ा था। इन 39 में से 27 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। इसी तरह तीन सीटें उदयपुरवाटी, तिजारा और नगर सीट बसपा के खाते में गई थीं। हालांकि, बाद में बसपा के सभी विधायकों ने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। इनमें से उदयपुरवाटी के विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने हाल ही में कांग्रेस छोड़कर शिवसेना का दामन थाम लिया है। भाजपा ने यहां से शुभकरण चौधरी को मैदान में उतारा है। शुभकरण चौधरी 2013 में यहां से विधायक रह चुके हैं।

सागवाड़ा से शंकर डेचा और चौरासी सुशील कटारा को टिकट दिया गया है। 2018 में ये दोनों सीटें बीटीपी के खाते में गई थीं। सागवाड़ा से रामप्रसाद और चौरासी से राजकुमार रोत को जीत मिली थी। बीटीपी के दोनों विधायकों ने जुलाई में ही पार्टी से अलग होने का एलान कर नया संगठन बनाने की घोषणा की थी। भाजपा द्वारा घोषित आज की सूची में 2018 में पांच सीटों पर निर्दलीय और दो सीटों पर माकपा को जीत मिली थी।  

41 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान, भाजपा ने सात सांसदों को मैदान में उतारा। - फोटो : अमर उजाला
जहां से सांसदों को टिकट, 2018 में वहां क्या हुआ था?
कुल सात सांसदों को विधानसभा चुनाव के लिए टिकट दिया गया है। इनमें दिया कुमारी और नरेंद्र कुमार ऐसे सांसद हैं जिन्हें 2018 में जीती सीट से उतारा गया है। पांच अन्य सांसद जिन सीटों से उतारे गए हैं, उन पर 2018 में भाजपा को हार मिली थी। जयपुर ग्रामीण के सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौड़ को झोटवाड़ा से टिकट दिया गया है। 2018 में यहां से कांग्रेस के लालचंद कटारिया जीते थे। उन्होंने भाजपा के राजपाल सिंह शेखावत को 10,747 हराया था। गहलोत सरकार के कृषि, पशुपालन और मत्स्य विभाग के मंत्री कटारिया 2009 में जयपुर ग्रामीण सीट से सांसद रह चुके हैं। इस सीट का इस वक्त प्रतिनिधित्व राज्यवर्धन सिंह राठौड़ कर रहे हैं। 

तिजारा से सांसद बाबा बालकनाथ को टिकट दिया गया है। 2018 में इस सीट पर भाजपा तीसरे नंबर पर खिसक गई थी। बसपा के संदीप कुमार ने कांग्रेस के ऐमदुद्दीन अहमद खान को हराया था। 

सवाई माधवपुर से राज्यसभा सांसद किरोड़ी लाल मीणा को टिकट दिया गया है। मीणा 12 विधानसभा में यहां से जीत चुके हैं। यहां से 2018 में कांग्रेस के दानिश अबरार को जीत मिली थी। 

अजमेर सांसद भागीरथ चौधरी को किशनगढ़ विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया गया गया है। भागीरथ चौधरी 12वीं और 14वीं विधानसभा में यहां से विधायक रह चुके हैं। 2018 में यहां से निर्दलीय के सुरेश टाक जीते थे। उन्होंने भाजपा के विकास चौधरी को 17,452 वोट से हराया था। 

देवजी पटेल को सांचौर से टिकट दिया है। पटेल इस वक्त जालोर लोकसभा सीट से सांसद हैं। 2018 में यहां से कांग्रेस के सुखराम बिश्नोई जीते थे। उन्होंने भाजपा के दाना सिंह चौधरी हराया था।
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