माकन बोले- गहलोत गुट की शर्तों से हितों का सीधा टकराव
- पहली शर्त : नए मुख्यमंत्री के चयन संबंधी जो भी निर्णय हो, उस पर अमल 19 अक्तूबर को अध्यक्ष पद के चुनाव के बाद हो।
- माकन का जवाब : ऐसा करना हितों का सीधा टकराव माना जाएगा, क्योंकि अगर आज गहलोत को हटाया जाता है और वह अध्यक्ष चुन लिए जाते हैं, तो प्रस्ताव पर तब गहलोत ही अंतिम फैसला लेंगे। ऐसा कैसे हो सकता है?
- दूसरी शर्त : पर्यवेक्षक विधायकों के साथ अलग-अलग नहीं, बल्कि समूहों में चर्चा कर उनकी राय जानें।
- माकन : आलाकमान ने अलग-अलग बात करने का निर्देश दिया है। इस दौरान सभी विधायक खुलकर अपनी बात रख सकते हैं।
- तीसरी शर्त : मुख्यमंत्री उन 103 विधायकों में से चुना जाए, जो 2020 में राजनीतिक संकट में सरकार के पक्ष में खड़े थे।
- माकन का जवाब : विधायकों से बात कर आलाकमान को बता दिया जाएगा, वह वरिष्ठ नेताओं से बात कर विवेक से निर्णय लेंगी।
गद्दारों को इनाम बर्दाश्त नहीं... पायलट के पक्ष में थे माकन : धारीवाल
गहलोत के करीबी मंत्री शांति धारीवाल ने माकन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वह विधायकों से पक्षपाती तरीके से बात कर रहे थे और सचिन पायलट के पक्ष में माहौल बना रहे थे। धारीवाल ने कहा, कई दिनों से सूचनाएं थीं कि वह सचिन पायलट के पक्ष में प्रचार कर रहे हैं। माकन विधायकों से पायलट खेमे में जाने के लिए कह रहे थे, हमारे पास इसका सबूत है। यदि गद्दारों को पुरस्कृत करने की कोशिश करेंगे, तो बर्दाश्त नहीं होगा। गुस्सा होना भी स्वाभाविक है।
सोनिया से मिलीं प्रियंका, कर सकती हैं गहलोत से बात
पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा भी रात में सोनिया से मिलीं। सूत्रों के अनुसार, प्रियंका गहलोत से बात कर सकती हैं। पि्रयंका की सिफारिश पर ही 2018 में पायलट की जगह गहलोत मुख्यमंत्री बने थे। बाद में, बागी हुए पायलट को भी प्रियंका ने ही मनाया था।
आलाकमान की नाराजगी भांप होटल पहुंचे गहलोत...खरगे मिले, माकन नहीं
माकन के अनुशासन तोड़ने के बयान के बाद आलाकमान की नाराजगी भांप गहलोत खरगे और माकन से मिलने होटल पहुंचे। हालांकि, खरगे से मुलाकात हुई, लेकिन माकन नहीं मिले।
- कांग्रेस कार्यसमिति के कुछ सदस्यों ने गहलोत को अध्यक्ष की दौड़ से बाहर करने की सलाह दी है। सदस्यों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
कारण बताओ नोटिस दे सकती है पार्टी
सूत्रों के मुताबिक, गहलोत समर्थकों में ज्यादा मुखर विधायकों को कारण बताओ नोटिस दिया जा सकता है। इनमें शांति धारीवाल, प्रताप खाचरियावास और महेश जोशी शामिल हैं।