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Maharashtra: एक कुलपति को पद से हटाए जाने पर केंद्र से खफा हुए राज ठाकरे, राज्य सरकार से मुद्दा उठाने को कहा

Mon, 16 Sep 2024 10:32 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला

सार

गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स के कुलपति के पद से अर्थशास्त्री अजीत रानाडे को शनिवार को उनके पद हटा दिया गया, जिससे उनकी नियुक्ति पर महीनों से चल रहा विवाद खत्म हो गया, क्योंकि दावा किया गया था कि उन्होंने शिक्षण अनुभव से संबंधित पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं किया था। 
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राज ठाकरे, अध्यक्ष, मनसे - फोटो : ANI
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विस्तार
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महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने सोमवार को जाने-माने अर्थशास्त्री अजीत रानाडे को गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स के कुलपति पद से हटाए जाने को मनोबल गिराने वाला बताया है। उन्होंने शिवसेना के नेतृत्व वाली राज्य सरकार से इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष उठाने को भी कहा है।
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'उच्च शिक्षित व्यक्ति को अपमानित करना गलत'
राज ठाकरे ने अजीत रानाडे को हटाने के लिए 10 साल के शिक्षण अनुभव की कमी का हवाला देने के लिए अधिकारियों का उपहास भी उड़ाया। उन्होंने कहा कि डॉ. अजीत रानाडे जैसे उच्च शिक्षित व्यक्ति को इस तरह से अपमानित करना गलत है। उन्होंने कहा, क्या यही नई शिक्षा नीति है।

बता दें कि अर्थशास्त्री अजीत रानाडे को शनिवार को उनके पद हटा दिया गया, जिससे उनकी नियुक्ति पर महीनों से चल रहा विवाद खत्म हो गया, क्योंकि दावा किया गया था कि उन्होंने शिक्षण अनुभव से संबंधित पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं किया था। पुणे में मौजूद गोखले इंस्टीट्यूट ऑफ पॉलिटिक्स एंड इकोनॉमिक्स संस्थान भारत के सबसे पुराने अर्थशास्त्र अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थानों में से एक है।
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रानाडे की नियुक्ति यूजीसी मानदंडों के अनुरूप नहीं
चांसलर बिबेक देबरॉय की तरफ से नियुक्त समिति ने पाया कि अजीत रानाडे की नियुक्ति यूजीसी मानदंडों के अनुरूप नहीं है, जिसके बाद उन्हें उस पद से हटाया गया। अजीत रानाडे दो साल से अधिक समय से इस पद पर थे। वहीं समिति ने निष्कर्ष निकाला कि अजीत रानाडे प्रोफेसर के रूप में 10 साल के निरंतर शिक्षण अनुभव की पात्रता मानदंडों को पूरा नहीं करते हैं। 

अजीत रानाडे ने अपने निष्कासन को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
अपने निष्कासन को दुर्भाग्यपूर्ण और चौंकाने वाला बताते हुए, अजीत रानाडे ने एक बयान में कहा, पिछले ढाई साल से, मैं संस्थान में सकारात्मक विकास में योगदान देते हुए पूरी लगन और अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहा हूं। ऐसा लगता है कि इन परिणामों को पूरी तरह से नजरअंदाज कर दिया गया है। 

पहले इन पदों पर रह चुके हैं अजीत रानाडे
इस संस्थान में अपनी नियुक्ति से पहले, अजीत रानाडे आदित्य बिड़ला समूह के समूह कार्यकारी अध्यक्ष और मुख्य अर्थशास्त्री थे। उन्होंने भारत और अमेरिका के विश्वविद्यालयों में पढ़ाया है और कई आरबीआई समितियों के सदस्य के रूप में काम किया है। वह महामारी के बाद आर्थिक सुधार पर महाराष्ट्र सरकार के टास्क फोर्स के सदस्य भी थे।
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