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देशभर में ‘सामान्य’ रहेगी बारिश, 96 फीसदी होने का अनुमान

Sat, 01 Jun 2019 12:36 AM IST
Avdhesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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Rain - फोटो : अमर उजाला
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इस साल देशभर में कुल मिलाकर मानसून सामान्य रहेगा लेकिन उत्तर और दक्षिण भारत में इसके सामान्य से कम रहने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने शुक्रवार को यह पूर्वानुमान जताया। विभाग के अनुसार, खरीफ फसलों के लिए अहम माने जाने वाला दक्षिण-पश्चिम मानसून लंबी अवधि के औसत का 96 फीसदी रहेगा, जबकि जून से सितंबर तक चलने वाला दक्षिण पश्चिम मानसून सामान्य रहेगा।
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विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की अवधि में 94 फीसदी बारिश होने के आसार हैं जबकि मध्य भारत में इसके 100 फीसदी रहने की संभावना है। वहीं दक्षिण भारत में मानसून के 97 फीसदी बरसने की संभावना जताई है। उत्तर-पूर्व के राज्यों में मानसूनी सीजन के दौरान 91 फीसदी बारिश इसमें 8 फीसदी कम या ज्यादा होने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, जुलाई में औसत की 95 फीसदी बारिश हो सकती है जबकि अगस्त में अच्छी बारिश होने के संकेत हैं। अगस्त में औसत की 99 फीसदी बारिश हो सकती है। हालांकि इसमें 9 फीसदी की कमी या बढ़ोतरी हो सकती है।

अल-नीनो की स्थिति कमजोर बनी हुई है

विभाग के अनुसार, अभी अल-नीनो की स्थिति कमजोर बनी हुई है और आगामी दिनों में इसमें और कमजोरी आएगी। मानसून के बाद इसमें बदलाव आएगा। विभाग का अगला अनुमान जुलाई के अंत में आएगा। केरल में मानसून 6 जून को पहुंचने का अनुमान है, जोकि हफ्ते भर की देरी से आएगा। पिछले साल मानसून 29 मई को केरल पहुंच गया था। 
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मौसम विभाग के क्षेत्रवार में ये राज्य आते हैं 

उत्तर-पश्चिम में पूरा उत्तर भारत आ जाता है जबकि मध्य भारत में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, गुजरात और छत्तीसगढ़ जैसे राज्य आते हैं। उत्तर-पूर्व में पश्चिम बंगाल, बिहार, ओडिशा, झारखंड और संपूर्ण पूूर्वोत्तर राज्य जबकि दक्षिण भारत में दक्षिण के पांच राज्य और पुडुचेरी शामिल हैं। 

क्या है दीर्घावधि औसत (एलपीए)

मौसम विभाग के अनुसार, यदि बारिश की दीर्घावधि औसत 96-104 रहती है तो यह सामान्य मानसून माना जाता है। यदि बारिश 90-96 फीसदी के बीच होती है तो इसे सामान्य से कम कहा जाता है। इसी तरह से यदि 110 फीसदी से अधिक रहता है तो इसे सामान्य से ज्यादा कहा जाता है। 

स्काईमेट के अनुमान के विपरीत है 

स्काईमेट ने इस महीने की शुरुआत में कहा था कि मध्य भारत में 91 फीसदी बारिश होगी। विदर्भ, मराठवाड़ा, पश्चिम मध्य प्रदेश और गुजरात में सामान्य से कम बारिश होगी। साथ ही पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में 92 फीसदी बारिश का अनुमान जताया था। उत्तर-पश्चिम भारत में 96 फीसदी और दक्षिण में 95 फीसदी बारिश की संभावना जताई थी।   
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