'मोदी 2.0' सरकार के नए कैबिनेट में बिहार के मुखिया नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड(जदयू) शामिल नहीं होगी। जदयू के इस बार मोदी सरकार में शामिल नहीं होने के पीछे बड़ी वजह कैबिनेट में गठबंधन का फॉर्मूला बताया जा रहा है, जिसके तहत जदयू को कैबिनेट में एक ही मंत्री पद दिया जा रहा था। बताया जा रहा है कि जदयू प्रमुख नीतीश इसी बात से नाराज हैं।
इस मामले में नीतीश कुमार का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि जदयू इस बार मोदी सरकार का हिस्सा नहीं रहेगी। हालांकि पार्टी, भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए में बनी रहेगी। इस नाराजगी से इतर नीतीश कुमार पीएम मोदी और नए कैबिनेट के शपथग्रहण में शामिल होने भी पहुंचे।
नीतीश कुमार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे(भाजपा) जदयू से केवल एक व्यक्ति को कैबिनेट में जगह दे रहे थे। ऐसे में यह 'सरकार में जदयू की केवल सांकेतिक भागीदारी' होती। हमने उन्हें बता दिया कि हमें(जदयू को) इसकी आवश्यकता नहीं है। नीतीश ने कहा कि यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है। हम दुखी नहीं है और पूरी तरह एनडीए के सपोर्ट में हैं। हमलोग(भाजपा-जदयू) साथ काम कर रहे हैं और इसमें कोई संशय नहीं है।
मालूम हो कि कैबिनेट में जदयू कोटे से मंत्री बनाए जाने को लेकर नीतीश कुमार बुधवार को अमित शाह के घर पहुंचे थे और लंबी बातचीत की थी। नीतीश संग बातचीत के तुरंत बाद अमित शाह पीएम मोदी से मिलने पहुंचे थे और कयास लगाए जा रहे थे कि इसी मुलाकात में गठबंधन के लिए कैबिनेट का फॉर्मूला तय किया गया।