आम चुनावों को देखते हुए सांसदों का जोर इस साल आम लोगों से जुड़ी मांगों को पूरा करने पर रहा है। इसके लिए उन्होंने केंद्र से जन सरोकार से जुड़ी मांगें रखी थीं। इसी बीच, रेल मंत्रालय से सांसदों के लिए एक अच्छी खबर आई है। रेल मंत्रालय ने इस साल फरवरी के अंत तक लगभग 500 नए अतिरिक्त स्टॉपेज को अपनी मंजूरी दे दी है।
आधिकारिक सूत्रों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इन अतिरिक्त स्टॉपेज के लिए सांसदों ने ही मांग की थी। यही नहीं लंबित मांगों पर मंत्रालय की प्रक्रिया अभी भी जारी है। हालांकि, वरिष्ठ अधिकारियों ने इसे ‘नियमित प्रक्रिया’ बताते हुए कहा कि अतिरिक्त स्टॉपेज की मंजूरियां ‘वैज्ञानिक अध्ययन’ के बाद दी जाती हैं।
इन्हें बिना विचार के अंधाधुंध नहीं दिया जाता। बता दें कि पिछली यूपीए सरकार के कार्यकाल में 2013-14 के दौरान रेल मंत्रालय ने 900 स्टॉपेज को मंजूरी दी थी जबकि यूपीए-2 के पांच वर्षों में 2,472 स्टॉपेज जोड़े गए थे। हालांकि, मौजूदा एनडीए सरकार ने यूपीए-2 सरकार की तुलना में 2014 से अब तक लगभग आधे स्टॉपेज को अनुमति दी है।