कोरोना वायरस से लड़ाई के लिए भारतीय रेलवे भी आगे आया है। इस महामारी से निपटने के लिए रेलवे ने अपने एसी कोच को आइसोलेशन वार्ड में तब्दील करने का फैसला लिया है। वहीं भोपाल रेल मंडल के पास मौजूद 60 एसी कोच का उपयोग करके हर कोच में छह कोरोनो संक्रमितों को क्वारंटाइन कर रखने की व्यवस्था की जा सकती है। इस तरह इन कोच में 360 लोगों को एकांतवास में रखा जा सकता है।
उत्तर केंद्रीय रेलवे (एनसीआर) के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने कहा कि रेलवे नई दिल्ली में कोचिंग डिपो में मौजूद कोच को स्वास्थ्य कर्मचारियों से सलाह लेने के बाद आइसोलेशन वार्ड में बदलने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा, 'ट्रेन के स्लीपर कोच को कोविड-19 से पीड़ित रोगियों के लिए आइसोलेशन वार्ड में बदलकर उसे तत्काल तैयार कर दिया जाएगा। इस तरह की योजना आपात स्थिति से निपटने में मदद करेगी।'
इसके अलावा, सभी रेलवे डिवीजनों ने कोविड-19 रोगियों के लिए आइसोलेशन बेड बनाने के लिए वार्ड या भवन की पहचान कर ली है। इसी तरह इंडियन रेलवे केटरिंग एंड टूरिज्म कॉरपोरेशन (आईआरसीटीसी) जरूरत पड़ने पर देश और अस्पतालों के विभिन्न हिस्सों में भोजन परोसने की योजना पर काम कर रहा है।
एनसीआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अजीत कुमार सिंह ने कहा, 'एनसीआर ने माल गाड़ियों में व्यवधान की किसी भी संभावना को कम करने के लिए परिचालन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं।' इसी तरह सुरक्षा श्रेणी के अनिवार्य पैरामेडिकल मेडिकल एग्जामिनेशन (पीएमई) के विस्तार पर विचार कर रहा है।
रेलवे मांग के आधार पर तुरंत उपलब्ध कराएगा कोच
भोपाल रेल मंडल अपने पास मौजूद 60 एसी कोच का उपयोग करके हर कोच में छह कोरोना संक्रमितों के लिए एकांतवास की व्यवस्था करेगा। इस तरह से 360 लोगों के लिए मिनी अस्पताल बनाया जाएगा। डीआरएम उदय वोरवणकर ने कहा कि मांग के आधार पर वे तत्काल पांच से 10 कोच उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं। जैसे-जैसे मांग बढ़ती जाएगी, कोच की संख्या बढ़ाई जाएगी।
वर्तमान में रेल मंडल के विभिन्न कोचिंग डिपो और यार्ड में सेनिटाइज किए हुए कोच खड़े हैं। सूचना मिलने पर उनका उपयोग किया जा सकेगा। जिसकी भोपाल रेल मंडल ने तैयारी शुरू कर दी है। रेल मंत्री पीयूष गोयल से मिले निर्देश के बाद भोपाल सहित देश के विभिन्न रेल मंडलों ने खड़ी हुईं ट्रेनों के एसी कोच में कोरोना प्रभावितों के लिए व्यवस्थाएं जुटाने का निर्णय लिया गया है।