रेलवे के अनुसार, अगर तय समय में शिकायत का समाधान नहीं होता है तो यह केस स्वतः ही उच्च अधिकारियों तक पहुंच जाता है। इससे संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाती है। शिकायत के निपटारे के बाद रेलवे यात्री को कॉल कर जानकारी देता है और फीडबैक भी लेता है कि समाधान संतोषजनक था या नहीं।
पटना-टाटानगर वंदे भारत एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 21896) में परोसे गए खाने को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। दही में कीड़ा मिलने की घटना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। यात्री शिकायत के बाद रेलवे ने कार्रवाई करते हुए आईआरसीटीस पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जबकि संबंधित वेंडर (कैटरिंग कंपनी) पर 50 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाते हुए उसका कॉन्ट्रैक्ट भी समाप्त कर दिया है।
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प्रीमियम वंदे भारत ट्रेनों में इस तरह की लापरवाही सामने आने से यात्रियों में नाराजगी है। यात्रियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे को और कड़े नियम लागू करने चाहिए। ऐसे में रेलवे द्वारा यात्रियों को भी सलाह दी जा रही है कि सफर के दौरान खाने को ध्यान से जांच लें। यदि ट्रेन में खराब या संदिग्ध भोजन मिले तो तुरंत शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।
ट्रेन में खराब खाना मिले तो क्या करें? जानिए आसान तरीका:
अगर ट्रेन में किसी यात्री को खाना, दही, पानी या किसी भी तरह की खाद्य सामग्री खराब लगे, तो तुरंत वेंडर को बुलाकर आईआरसीटीसी के कैटरिंग मैनेजर को मौके पर बुलाने के लिए कहें।
हर ट्रेन में एक कैटरिंग मैनेजर मौजूद होता है, जिसके पास आप अपनी शिकायत लिखित रूप में दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद यात्री रेल मदद ऐप या पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
रेलवे के मुताबिक, इस प्लेटफॉर्म के जरिए सभी शिकायतों को एक ही जगह पर मॉनिटर किया जाता है। जिससे कार्रवाई तेजी से हो पाती है। इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही मिलने पर तुरंत रेल मदद ऐप के जरिए शिकायत करना सबसे प्रभावी तरीका माना जा रहा है।
इसके अलावा यात्री अपनी शिकायत हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॉल करके भी दर्ज करा सकते हैं। यहां शिकायत दर्ज करते समय को अपना पीएनआर नंबर देना होगा। इसके बाद ही शिकायत को आगे बढ़ाया जाएगा।
इन सभी के अलावा यात्री साथ रेलवे के सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स औ फेसबुक पर शिकायत कर सकते है। क्योंकि ये सभी प्लेटफॉर्म अब रेल मदद सिस्टम से जुड़े हुए हैं। यात्री मोबाइल, लैपटॉप या कंप्यूटर से आसानी से शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
रेलवे के अनुसार, अगर तय समय में शिकायत का समाधान नहीं होता है तो यह केस स्वतः ही उच्च अधिकारियों तक पहुंच जाता है। इससे संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाती है। शिकायत के निपटारे के बाद रेलवे यात्री को कॉल कर जानकारी देता है और फीडबैक भी लेता है कि समाधान संतोषजनक था या नहीं। रेलवे ने यात्रियों को सलाह देते हुए कहा कि,यात्री ट्रेन में खाना खाने से पहले पैकेट को अच्छी तरह जांच लें। अगर कोई गड़बड़ी नजर आए तो बिना झिझक तुरंत रेल मदद एप पर शिकायत करें। हाल के दिनों में रेलवे इस तरह के मामलों में वेंडर और कैटरर पर सख्त कार्रवाई भी कर चुका है।