रेलवे ने अपने अल्टरनेटिव ट्रेन एकोमोडेशन स्कीम (एटीएएस) के दायरे को बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब इस योजना का लाभ न केवल दिल्ली-लखनऊ, दिल्ली-जम्मू रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को मिलेगा बल्कि दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली मुंबई, दिल्ली-चैन्नई, दिल्ली-बंगलूरू, दिल्ली-सिकंदराबाद रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को भी मिलेगा।
पॉयलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद रेल मंत्रालय ने इस योजना को ज्यादातर मेट्रो पोलिटन सिटी के बीच चलने वाली ट्रेनों में भी देने का निर्णय लिया है। वेटिंग टिकट वालों को रेलवे ने बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है।
रेलवे की विकल्प स्कीम से अब वेटिंग टिकट वाले यात्रियों को खुद से दूसरी ट्रेन में खाली सीट की उपलब्धता के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। उन्हें अब सीट की उपलब्धता के अनुसार दूसरी ट्रेन में कंफर्म बर्थ खुद से मिल जाएगी। हालांकि इस सुविधा का लाभ राजधानी, शताब्दी, दुरंतो, सुविधा व वैसी ट्रेन जिसमें ट्रेन किराये में ही कैटरिंग की सुविधा है, उसके यात्रियों को नहीं मिलेगा। रेलवे ने साफ किया है कि इस सुविधा का लाभ मेल, एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेन के यात्रियों को ही मिलेगा। रेल मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इस योजना का लाभ बुकिंग टिकट वालों को भी मिलेगा। बता दें कि इस सुविधा का लाभ अभी ऑन लाइन टिकट बुक कराने वालों को ही मिलेगा।
इस सुविधा का लाभ न केवल दिल्ली से चैन्नई जाने वाले यात्रियों को ही मिलेगा बल्कि इस रूट में पड़ने वाले अन्य स्टेशन के यात्रियों को भी मिलेगा। मसलन अगर किसी यात्री ने दिल्ली से नागपुर का टिकट लिया है तो उसे भी इस योजना का लाभ मिलेगा। विकल्प योजना के तहत दिल्ली-चैन्नई सेक्टर माना जाएगा। इसी तरह किसी यात्री ने नागपुर-चैन्नई के बीच का टिकट लिया हो तो उस यात्री को दिल्ली-चैन्नई के सेक्टर के तहत सुविधा दी जाएगी।