रेल मंत्रालय ने झांसी, कोटा, आद्रा, चंडीगढ़ और सिकंदराबाद में स्थित पांच रेलवे इंजीनियर्स टेरिटोरियल आर्मी रेजिमेंट को भंग करने का फैसला किया है। हालांकि जमालपुर में स्थित रेलवे इंजीनियर रेजिमेंट (प्रादेशिक सेना) को न्यू जलपाईगुड़ी-सिलीगुड़ी-न्यूमल-अलीपुरद्वार-रंगिया रूट पर परिचालन ऑपरेशनल रखा जाएगा।
रेल मंत्रालय ने झांसी, कोटा, आद्रा, चंडीगढ़ और सिकंदराबाद में स्थित पांच रेलवे इंजीनियर्स टेरिटोरियल आर्मी रेजिमेंट को भंग करने का फैसला किया है।
हालांकि, जमालपुर में स्थित रेलवे इंजीनियर रेजिमेंट (प्रादेशिक सेना) को न्यू जलपाईगुड़ी-सिलीगुड़ी-न्यूमल-अलीपुरद्वार-रंगिया मार्ग पर परिचालन ऑपरेशनल रखा जाएगा।
मंत्रालय ने कहा कि छह रेलवे इंजीनियर्स टेरिटोरियल आर्मी रेजिमेंट की मौजूदा कार्यात्मक स्थापना की समीक्षा के लिए तीन कार्यकारी निदेशकों/प्रमुख कार्यकारी निदेशकों की एक समिति का गठन किया गया था। समिति ने रेलवे टेरिटोरियल आर्मी रेजिमेंट की परिचालन आवश्यकताओं का पुनर्मूल्यांकन किया।
बयान में कहा गया है कि ''उपरोक्त समिति की सिफारिशों के आधार पर और टेरिटोरियल आर्मी के महानिदेश की सहमति से रेल मंत्रालय ने झांसी, कोटा, आद्रा, चंडीगढ़ और सिकंदराबाद में स्थित पांच रेलवे इंजीनियर टेरिटोरियल आर्मी यूनिट को भंग करने का निर्णय लिया है।''
रेल मंत्रालय और रक्षा मंत्रालय ने कहा, ''3 जून, 2022 को रेल मंत्रालय के पत्र के जारी होने की तारीख से नौ महीने की अवधि के भीतर टेरिटोरियल आर्मी महानिदेशलय द्वारा विघटन प्रक्रिया पूरी की जानी है और इसके तौर तरीकों परक डीजीटीए (टेरिटोरियल आर्मी के महानिदेशक) द्वारा परामर्श किया जाना है।"
रेलवे टेरिटोरियल आर्मी का गठन 1949 में हुआ था और इसने 1965 और 1971 के युद्धों में हिस्सा लिया था। अब इसके छह में से पांच यूनिटों को भंग किया जा रहा है। रेलवे इंजीनियर्स रेजिमेंट्स, टेरीटोरियल आर्मी का एक अंग है जो भारतीय सेना की एक वॉलंटियर रिजर्व फोर्स है। टेरिटोरियल आर्मी में पूर्णकालिक सैनिक नहीं होते हैं लेकिन इसमें ऐसे लोग वॉलंटरी के आधार पर शामिल होते हैं जो पहले से ही किसी न किसी पेशे से जुड़े होते हैं।