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रेलवे का नया एप SwaRail: अब टिकट-फूड बुकिंग सब एक जगह, IRCTC से है अलग; यात्रियों को मिलेगी ये नई सुविधाएं

Tue, 20 May 2025 05:52 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

रेलवे के इस नए ऐप के आने के बाद भी रेलवे के आईआरसीटीसी के एप का महत्व बना रहेगा, क्योंकि यह प्लेटफॉर्म ट्रेन टिकट बुकिंग और टूरिज्म सर्विस के लिए फोकस एप है।
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भारतीय रेलवे - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 भारतीय रेलवे अपना नया सुपर एप SwaRail को जल्द जांच करने की तैयारी कर रहा है। यात्री इस नए एप के जरिए रेल टिकट बुकिंग और रेलवे से जरूरी सुविधाएं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस ऐप को सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम ने डेवलप किया है। यह ऐप अभी सीमित बीटा यूजर्स के लिए ही लॉन्च किया गया है। इसके लेटेस्ट वर्जन v127 को रिलीज किया गया है।
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रेलवे के इस नए ऐप के आने के बाद भी रेलवे के आईआरसीटीसी के एप का महत्व बना रहेगा, क्योंकि यह प्लेटफॉर्म ट्रेन टिकट बुकिंग और टूरिज्म सर्विस के लिए फोकस एप है। जबकि सेवा रेल एप एक वन-स्टॉप सॉल्यूशन के रूप में काम करेगा, जहां टिकट बुकिंग के साथ-साथ कई अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी। यह एप रेलवे की डिजिटल सेवाओं को सुविधाजनक बनाकर यूजर्स को बेहतर अनुभव देगा। दरअसल, सेवा रेल भारतीय रेलवे का वन-स्टॉप सॉल्यूशन है, जो यात्रियों को रेलवे से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है। इसकी सबसे खास बात यह है कि मौजूदा यूजर्स अपने RailConnect और UTSonMobile एप के लॉगिन क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल कर इस एप में लॉगिन कर सकते हैं। यानी अब एक ही अकाउंट से रेलवे की अलग-अलग सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

यात्रियों को एक साथ मिलेगी इतनी सुविधाएं
  • सेवा रेल एप को एक तरह से रेलवे का 'सुपर ऐप' इसलिए कहा जा रहा क्योंकि यूसर्ज को रिजर्वेशन, जनरल टिकट, खाना ऑर्डर करने या शिकायत दर्ज करने के लिए अलग-अलग ऐप पर जाना पड़ता था। लेकिन अब यूजर्स को सभी एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगा।
  •  इस नए ऐप में अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम, नेशनल ट्रेन इन्क्वायरी सिस्टम, रेल मदद, आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट जैसे एप्स को इंटीग्रेट किया गया है। इसके अलावा, ट्रैवल इंश्योरेंस जैसी नीतियों को भी एप में लिस्टेड किया जाएगा, जिससे यात्रियों को और अधिक सहूलियत होगी।
  •  यह नया ऐप यात्रियों को सभी मौजूदा सर्विस एक ही जगह पर उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही यह स्मार्टफोन में कम स्पेस लेगा, क्योंकि अभी भारतीय रेलवे के 6-7 मोबाइल एप्प हैं। इसमें आईआरसीटीसी एप, रेल सारथी, भारतीय रेलवे पीएनआर, एनटीइएस , रेलमदद, यूटीएस और फूड ऑन ट्रैक जैसे एप्स शामिल हैं।
  •  यह सुपर एप एंड्रॉयड और iOS दोनों के लिए उपलब्ध होगा। इससे सभी यात्री इसे आसानी से डाउनलोड कर सकते हैं। वहीं, रेलवे की सभी सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं। आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट ऐप साल 2014 में लॉन्च किया गया था। इस एप से यूजर्स सीधे ट्रेन टिकट बुक करने के अलावा पीएनआर स्टेट्स, चार्ट, ट्रेन शेड्यूल आदि का पता कर सकते हैं।
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रेल एप - फोटो : अमर उजाला
यूजर्स ऐसे कर सकते है डाउनलोड
सेवा रेल गूगल प्ले स्टोर पर एंड्रॉयड यूजर्स (वर्जन v127) के लिए उपलब्ध हो गया है। इसे अब तक 1 लाख से ज्यादा लोग डाउनलोड कर चुके हैं। हालांकि, यह एपल एप स्टोर में उपलब्ध नहीं है। एंड्रॉयड यूजर्स इसे डाउनलोड करने के लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो कर सकते हैं।

सबसे पहले यूजर्स को मोबाइल पर गूगल प्ले स्टोर खोलना होगा। यहां उन्हें सेवा रेल एप सर्च करना होगा। इसके बाद इस एप आइकन पर क्लिक कर इसे इंस्टॉल कर सकेंगे। जबकि बीटा वर्जन इस्तेमाल कर रहे यूजर्स आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट या UTS मोबाइल के यूजरनेम/पासवर्ड से लॉगिन करें।

एप के नए यूजर्स रजिस्टर ऑप्शन चुनें, मोबाइल नंबर, ईमेल और पासवर्ड डालकर अकाउंट बनाएं। इसके बाद एमपीआईएन सेट करें या फिंगरप्रिंट या फेस आईडी से लॉगिन करें, गेस्ट लॉगिन के लिए मोबाइल नंबर के साथ ओटीपी यूज करें। इसके बाद यूजर्स होमपेज पर रिजर्व्ड/अनरिजर्व्ड/प्लेटफॉर्म टिकट चुनें, स्टेशन, तारीख, क्लास डालकर बुक कर सकते है। इसके अलावा पीएनआर स्टेटस, ट्रेन लाइव ट्रैकिंग, खाना ऑर्डर, रेल मदद से शिकायत, रिफंड रिक्वेस्ट और कोच पोजिशन चेक कर सकेंगे।

एप पर खर्च हुए कुल 90 करोड़
सितंबर 2024 में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने अपने एक बयान में कहा था कि भारत सरकार एक सुपर एप पर काम कर रही है जिसके जरिए रेलवे के कई काम हो सकेंगे। हालांकि मंत्री ने ऐप के फीचर्स के बारे में विशेष जानकारी नहीं दी, लेकिन संकेत दिया कि यह यूजर्स को टिकट बुक करने, पीएनआर स्थिति जांचने, ट्रेनों को ट्रैक करने और अन्य सुविधाएं देगा। जानकारी के मुताबिक इस एप पर कुल 90 करोड़ रुपये खर्च होंगे और तीन साल से अधिक का वक्त लगेगा। रेलवे के सुपर एप को CRIS तैयार करेगा जो कि रेलवे के लिए आईटी का काम देखता है।
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