ट्रेन में यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए आपातकालीन बटन फिलहाल नहीं लगाने जा रहा है। रेल मंत्रालय ने महिला सुरक्षा को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के उस सुझाव को भी दरकिनार कर दिया है, जिसमें ट्रेनों में अपातकालीन पुश बटन लगाने का सुझाव दिया गया था। रेलवे ने 2018 को महिला सुरक्षा वर्ष के रूप में घोषित किया है। लेकिन महिला सुरक्षा को लेकर महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सुझाव को दरकिनार कर दिया है।
रेल मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि आपातकालीन अलार्म चेन प्रणाली सवारी डिब्बों में पहले से ही उपलब्ध है इसलिए सभी सवारी डिब्बों में आपातकालीन पुश बटन के प्रावधान पर विचार नहीं किया जा रहा है। रेल राज्य मंत्री राजन गोहाई ने कहा कि परीक्षण आधार पर मुंबई सब अर्बन रेलवे में दो इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट के वातानूकुलित कोच में आपातकालीन टॉक बैक प्रणाली मुहैया कराई गई है।
महिला यात्रियों की चौबीस घंटे सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेल में कई अन्य उपायों को शुरू करने की योजना बनाई गई है, जिसमें उपनगरीय ट्रेनों के महिला कोच में क्लोज सर्किट टेलीविजन, मेट्रो शहरों में रात्रिकाल के दौरान चलने वाली ट्रेनों में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती शामिल है। राजन गोहाई ने यह भी कहा है कि अखिल भारतीय सुरक्षा हेल्पलाईन 182 को 5.59 करोड़ रुपये की लागत पर अपग्रेड किया जा रहा है। इसे मोबाइल एप के साथ भी जोड़ा जाएगा।