फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ट्रेनों के पटरी से उतरने में तोड़फोड़ की आशंका ने पकड़ा जोर

Sun, 26 Feb 2017 05:04 AM IST
एजेंसी/ नई दिल्ली
विज्ञापन
रेल मंत्री सुरेश प्रभु - फोटो : file photo
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कानपुर ट्रेन दुर्घटना को साजिश करार दिए जाने के बाद से हाल के समय में कई ट्रेनों के पटरी से उतरने के संभावित कारण के तौर पर तोड़फोड़ किए जाने के संदेह को काफी बल मिला है। ट्रेनों के पटरियों से उतरने की घटनाओं की बढ़ती संख्या के बीच रेलवे ने पहले हाल में हुए इस तरह के 40 से अधिक वारदात के संभावित कारण के तौर पर ‘बाहरी हस्तक्षेप’ का हवाला दिया था। हाल में ट्रेनों के पटरियों से उतरने के पीछे तोड़फोड़ की आशंका जताते हुए रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने पिछले महीने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पत्र लिखकर इन घटनाओं की राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से विस्तृत जांच कराने की मांग की थी। 
विज्ञापन


20 नवंबर 2016 को इंदौर-पटना एक्सप्रेस के 14 डिब्बे कानपुर के निकट पटरी से उतरे थे। इसमें 150 लोगों की मौत हुई थी और 100 से अधिक लोग घायल हुए थे। यह 1999 के बाद भीषणतम ट्रेन दुर्घटना थी।

1999 में गाइसाल ट्रेन हादसे में 290 लोगों की मौत हुई थी। मोदी ने शुक्रवार को गोंडा में एक चुनावी रैली में कहा था कि कानपुर रेल दुर्घटना, जिसमें सैकड़ों लोगों की मौत हुई थी, वह एक साजिश थी और षड्यंत्रकारियों ने सीमा पार बैठकर इसे अंजाम दिया। गोंडा नेपाल से सटा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जांच से सामने आएगा सच

सांकेतिक चित्र
नेपाल पुलिस ने बताया था कि नेपाली नागरिक शम्सुल होदा को 7 फरवरी को काठमांडू में उस वक्त गिरफ्तार किया गया था जब उसे दुबई से निकाला गया था। होदा एक आईएसआई एजेंट है और कानपुर ट्रेन हादसे में मुख्य संदिग्ध है। नवंबर के हादसे के बाद 28 दिसंबर को उस समय कम से कम 62 यात्री घायल हो गए थे जब सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए थे। यह घटना उस वक्त हुई थी जब ट्रेन कानपुर ग्रामीण जिले में रूरा रेलवे स्टेशन के निकट एक पुल को पार कर रही थी।

कुछ हालिया घटनाओं का हवाला देते हुए रेल मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि कानपुर, मुंबई, हाजीपुर और अन्य इलाकों में कुछ मामलों में बाहरी हस्तक्षेप पाया गया था। यहां फिश प्लेटों को हटाया गया था और पटरी पर रेल लाइन के एक बड़े टुकड़े को रख दिया गया था। इन मामलों की रेलवे सुरक्षा आयुक्त जांच कर रहे हैं। साथ ही इन मामलों की अन्य एजेंसियां भी जांच कर रही हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें