सेंसर बोर्ड के चेयरमैन पहलाज निहलानी ने कहा है कि सेंसर बोर्ड न केवल फिल्मों को प्रमाणपत्र देने के लिए है, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपरा को बचाए रखने के लिए भी जिम्मेदार है। निहलानी फिल्म लिपस्टिक अंडर माई बुर्का को हरी झंडी न देने के फैसले पर सेंसर बोर्ड को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेट सरकार का हिस्सा है और इसका काम न केवल फिल्म को प्रमाणपत्र बांटना है, बल्कि देश की सांस्कृतिक परंपरा को भी संभालकर रखना है। उन्होंने कहा कि इसलिए यह जरूरी है कि केवल अच्छी फिल्म ही दर्शकों को दिखाई जाएं।