रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज ओडिशा के खोरधा में ट्रेन प्रबंधन केंद्र का उद्घाटन किया। इसी के साथ केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने तेजस कोच वाली भुवनेश्वर राजधानी को भी हरी झंडी दिखाई। रेल मंत्री ने ओडिशा को जल्द दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन मिलने की भी घोषणा की है।
सोमवार का ऑपरेशन केवल ट्रायल था, 19 अगस्त से ट्रेन राजधानी तेजस के रूप में चलेगी। भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर भीड़ को संबोधित करते हुए रेल मंत्री ने कहा, 'राउलकेला और भुवनेश्वर के बीच चलने वाली दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द शुरू होने वाली है। यह सुंदरगढ़, संबलपुर, झारसुगुड़ा, अंगुल, तालचेर समेत अन्य जगहों के बीच चलेगी।'
उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब 18 मई को पुरी और हावड़ा के बीच चलने वाली वंदे भारत ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद ओडिशा को एक सेमी हाई-स्पीड ट्रेन उपलब्ध कराने का वादा किया था। इसी वादा को पूरा करते हुए राउलकेला और भुवनेश्वर के बीच एक दूसरी वंदे भारत एक्सप्रेस जल्द शुरू की जाएगी।'
रेल मंत्री ने कहा कि भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी तेजस एक्सप्रेस में स्वचालित प्रवेश द्वार, आग और धुएं का पता लगाने वाली प्रणाली, सीसीटीवी कैमरे, बेहतर शौचालय, जैव-शौचालय के साथ वैक्यूम सहायता प्राप्त फ्लशिंग जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी।
भुवनेश्वर-नई दिल्ली तेजस एक्सप्रेस के साथ देश में चलने वाली सेमी हाई स्पीड ट्रेनों की संख्या अब बढ़कर पांच हो जाएगी। तेजस कोच के साथ पहली राजधानी ट्रेन 2021 में दिल्ली-मुंबई रूट पर शुरू की गई थी। इसके अलावा अगरतल्ला-आनंद विहारराजधानी एक्सप्रेस, मुंबई-निजामुद्दीन अगस्त क्रांति राजधानी और राजेंद्र नगर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस है।
भुवनेश्वर से नई दिल्ली के बीज ट्रेन 13 स्टेशनों कटक, भद्रक, बालासोर, हिजली, टाटा नगर जंक्शन, मुरी, बोकारो स्टील सिटी, गोमो, कोडरमा जंक्शन, गया जंक्शन, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, प्रयागराज जंक्शन और कानपुर सेंट्रल पर रुकेगी।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि मोदी सरकार ओडिशा की रेल प्रबंधन प्रणाली पर बहुत ध्यान दे रही है। उन्होंने बताया कि साल 2014 में केवल केवल 53 किमी रेल मार्ग का निर्माण किया गया थो, जो कि अब 459 किमी प्रति वर्ष है। एनडीए सरकार ने ओडिशा के लिए रेल आवंटन को 2014 में 800 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2023 में 10,000 करोड़ रुपये कर दिया है।
अश्विनी वैष्णव रेल मंत्री होने के साथ टेलीकॉम मंत्री भी है। उन्होंने बताया कि 2014 तक ओडिशा में केवल 7562 मोबाइल टावर थे, जो कि 2023 में बढ़कर 26,512 हो चुका है। रेलमंत्री दो दिनों के लिए ओडिशा दौरे पर हैं।