रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को मुंबई उपनगरीय रेल नेटवर्क पर ठाणे और दिवा स्टेशनों के बीच एक लोकल ट्रेन से यात्रा की। इस दौरान उन्होंने दो अतिरिक्त रेलवे लाइनों का निरीक्षण भी किया। यात्रा के दौरान रेलमंत्री ने ठाणे रेलवे स्टेशन के बाहर निकलकर सड़क किनारे वड़ा पाव भी खाया। लोकल ट्रेन में यात्रा के दौरान उनके साथ केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रावसाहेब दानवे, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष वीके त्रिपाठी और अन्य अधिकारी भी थे।
इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ठाणे और दिवा को जोड़ने वाली नव-निर्मित रेलवे लाइनों को लोकार्पण किया। उन्होंने इस मार्ग पर दो उपनगरीय ट्रेनों को भी हरी झंडी भी दिखाई। पीएम के कार्यक्रम से पहले रेलमंत्री ने लोकल ट्रेन से यात्रा कर नव निर्मित रेलवे लाइनों का निरीक्षण किया।
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि रेल मंत्री अश्वीनी वैष्णव दोपहर करीब एक बजे ठाणे स्टेशन पर मध्य रेलवे द्वारा संचालित लोकल ट्रेन में सवार हुए और दिवा स्टेशन तक गए। इस दौरान उन्होंने बीच में पड़ने वाले अन्य स्टेशनों का भी निरीक्षण किया।
द्वितीय श्रेणी के डिब्बे में यात्रा करते हुए रेल मंत्री ने यात्रियों के साथ बातचीत की। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि दिवा स्टेशन पर एक छोटे से समारोह में सामिल होने के बाद वे एक विशेष निरीक्षण कोच द्वारा ठाणे लौट आए।
इस बीच, दिवा स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर कार्यक्रम के कारण उमड़ी भारी भीड़ के चलते यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। कुछ यात्रियों ने बताया कि उनकी ट्रेन भी छूट गई। वहीं कुछ तो ट्रेन से उतर भी नहीं पाए। मुंबई के उपनगरीय रेल नेटवर्क को मुंबई की जीवन रेखा माना जाता है। वर्तमान में महामारी के कारण यात्रा प्रतिबंधों के कारण लगभग 60 लाख यात्री प्रतिदिन उपनगरीय रेल का उपयोग करते हैं, हालांकि महामारी से पहले 75 लाख से अधिक यात्री उपनगरीय रेल से यात्रा करते थे।
वंदे भारत ट्रेन सेवा समय सारिणी जल्द: वैष्णव
वैष्णव ने कहा कि वंदे भारत ट्रेन सेवाओं के मार्गों और समय सारिणी को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाएगा, क्योंकि अगस्त-सितंबर से नए रैक आने की उम्मीद है। वैष्णव ने मध्य रेलवे नेटवर्क पर ठाणे और दिवा के बीच 5वीं और 6ठी लाइन शुरू करने के लिए आयोजित एक कार्यक्रम के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि 75 वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया जा रहा है, जबकि केंद्रीय बजट में और 400 रैक बनाने का निर्णय लिया गया है।
नासिक में भारत की पहली मोबाइल जैव सुरक्षा प्रयोगशाला का उद्घाटन
इस बीच केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. भारती पवार ने नासिक जिले में देश की पहली चलती-फिरती स्तर 3 (बीएसएल 3) जैव सुरक्षा प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। डॉ. पवार ने कहा कि यह प्रयोगशाला स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए एक बड़ी उत्साह की बात है। केंद्र ने स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए अब तक सबसे बड़ा 64,000 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया है। केंद्र ऐसी अच्छी सुविधाएं प्रदान करने के लिए लगातार प्रयास करता रहेगा। चार और ऐसी प्रयोगशालाएं निकट भविष्य में बनेंगी।