अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को चेन्नई स्थिति इंटीग्रल कोच फैक्टरी से 12,000वें एलएचबी कोच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आईसीएफ ने कहा कि मंत्री वैष्णव ने आईसीएफ स्थित फर्निशिंग फैक्टरी के एचएचबी शेड पर बनाए जा रहे वंदे भारत एक्सप्रेस कोचों का भी निरीक्षण किया।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शुक्रवार को चेन्नई स्थिति इंटीग्रल कोच फैक्टरी से 12,000वें एलएचबी कोच को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही उन्होंने दोहराया कि रेलवे के निजीकरण का सवाल ही नहीं है।
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केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वंदे भारत एक्सप्रेस भारतीय रेलवे के लिए एक गर्व करने वाला प्रोजेक्ट है। वह विश्वस्तरीय कोचों के डिजाइन और निर्माण के लिए इंटीग्रल कोच फैक्टरी (आईसीएफ) की टीम को बधाई देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों के तहत देश के सभी क्षेत्र वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के जरिये आपस में जोड़ेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि रेलवे के निजीकरण का कोई सवाल ही नहीं है। हमारा सारा ध्यान रेलवे की बेहतरी के लिए टक्कर रोधी सुरक्षा उपकरणों कवच जैसी नई तकनीकों को अपनाने पर है। इन तकनीक को वंदे भारत एक्सप्रेस कोचों में लगाया जाएगा।
आईसीएफ ने कहा कि मंत्री वैष्णव ने आईसीएफ स्थित फर्निशिंग फैक्टरी के एचएचबी शेड पर बनाए जा रहे वंदे भारत एक्सप्रेस कोचों का भी निरीक्षण किया। पहले दो प्रोटोटाइप रेक को अगस्त 2022 तक तैयार करने की योजना है। रेलवे अगस्त 2023 तक 75 वंदे भारत रेल को चालू करने को प्रतिबद्ध है। आईसीएफ के निरीक्षण के दौरान केंद्रीय मंत्री ने फर्निशिंग फैक्टरी से 12000वें लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) एसी-2 टियर कोच को हरी झंडी दिखाई। इस दौरान आईसीएफ के जनरल मैनेजर एके अग्रवाल और अन्य वरिष्ठ रेलवे अधिकारी मौजूद थे।