प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य योजना आयुष्मान भारत को और भी ज्यादा विस्तृत बनाने जा रही है। अभी इस योजना में आर्थिक रूप से कमजोर करीब 11 करोड़ परिवार दायरे में आ रहे हैं। 25 सितंबर से प्रधानमंत्री इस योजना का शुभारंभ करेंगे। इससे करीब 55 करोड़ लोगों को हर वर्ष पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा।
सूत्रों के मुताबिक आयुष्मान भारत योजना से जल्द ही रेलवे, ईएसआई और सीजीएचएस को भी जोड़ा जाएगा। ऐसा होने के बाद करीब 20 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारी भी इस योजना के दायरे में आ जाएंगे। हालांकि सूत्रों का कहना है कि योजना के पहले चरण की समीक्षा के बाद ही सरकार इन्हें जोड़ेगी। 16 राज्यों में चले पायलट प्रोजेक्ट की समीक्षा संतोषजनक मिली है और सरकार को उम्मीद है कि दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के लाभार्थियों को परेशान नहीं होना पड़ेगा।
दिल्ली वालों को नहीं मिलेगा लाभ
देश की राजधानी दिल्ली में आयुष्मान भारत को लेकर अब तक एमओयू साइन नहीं हुआ है, इसलिए फिलहाल इसका लाभ दिल्ली वालों को नहीं मिलेगा। आयुष्मान भारत के डिप्टी सीईओ डॉ. दिनेश अरोड़ा का कहना है कि इस पर बातचीत चल रही है, लेकिन दिल्ली में मौजूद केंद्र के अस्पताल एम्स, सफदरजंग, आरएमएल में योजना के लाभार्थी को उपचार मिलेगा।
करिश्मा के माता-पिता हैं पहले लाभार्थी
कुछ ही दिन पहले हरियाणा में पहले लाभार्थी परिवार के घर बेटी करिश्मा ने जन्म लिया है। इस केस में सबसे अहम बात अस्पताल को आयुष्मान भारत के जरिये पेमेंट की थी। महज 15 दिन के अंदर ही अस्पताल को पूरा खर्च मिल गया था। जबकि इसे लेकर अस्पतालों के काफी सवाल थे।