रेलटेल के प्रबंध निदेशक संजय कुमार के अनुसार, सुपर एप में रेलवे स्टेशनों से उपयोगकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। इससे 6108 रेलवे स्टेशनों पर स्थापित पब्लिक वाई-फाई से रेल यात्रियों के लिए डिजिटल अनुभव बदलेगा। वहीं, रेल मंत्री ने कहा है कि दिसंबर 2023 से हेरिटेज मार्ग पर हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन शुरू की जाएगी।
रेल यात्रियों को जल्द ही सुपर एप मिलेगा। एप से यात्रियों का सूचनाओं के साथ मनोरंजन तो होगा ही, साथ ही ई-टिकटिंग और आपातकालीन चिकित्सा सेवा की जानकारी भी मिलेगी। इसके जरिए यात्री अपनी शिकायत भी दर्ज करा सकेंगे। यह पहल रेलवे स्टेशनों पर वाईफाई की सुविधा उपलब्ध करा रही रेलटेल कंपनी ने की है।
विज्ञापन
रेल यात्रियों के लिए यह एकीकृत एप होगा। इससे यात्रियों को पता चल सकेगा कि किस स्टेशन पर, किस समय कुली उपलब्ध हैं। रेलटेल के प्रबंध निदेशक संजय कुमार के अनुसार, सुपर एप में रेलवे स्टेशनों से उपयोगकर्ताओं को जोड़ा जाएगा। इससे 6108 रेलवे स्टेशनों पर स्थापित पब्लिक वाई-फाई से रेल यात्रियों के लिए डिजिटल अनुभव बदलेगा।
इसी साल दौड़ने लगेगी हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन
वहीं, रेलवे दिसंबर 2023 तक अपने हेरिटेज मार्ग पर हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों को शुरू करेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि ट्रेन चीन और जर्मनी की तर्ज पर होंगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर नॉर्दर्न रेलवे वर्कशॉप में हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन का प्रोटोटाइप तैयार किया जा रहा है। इसका परीक्षण हरियाणा के सोनीपत-जींद खंड पर किया जाएगा। वैष्णव ने कहा, हम दिसंबर 2023 से हेरिटेज मार्ग पर हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन शुरू करेंगे। इसका मतलब यह होगा कि ये हेरिटेज मार्ग पूरी तरह से ग्रीन हो जाएंगे।
विज्ञापन
कोराडिया आइलिंट हाइड्रोजन ईंधन सेल से चलने वाली दुनिया की पहली ट्रेन
दुनियाभर में डीजल से चलने वाले इंजनों को हाइड्रोजन से चलने वाले इंजनों में बदलने के लिए बोली लगाई जाती है। जर्मनी की कोराडिया आइलिंट हाइड्रोजन ईंधन सेल से चलने वाली दुनिया की पहली ट्रेन है। यह शून्य उत्सर्जन ट्रेन कम स्तर का शोर पैदा करती है। इसमें केवल भाप और संघनित पानी की निकासी होती है। यह ट्रेन एक बार में 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से एक हजार किलोमीटर दौड़ सकती है। इस ट्रेन का परीक्षण 2018 से जर्मनी में किया गया था।