लॉटरी किंग मार्टिन सेंटिआगो के कोयंबटूर, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, दिल्ली समेत देशभर में 70 परिसरों पर आयकर विभाग ने छापेमारी की। इस कार्रवाई में टीम को 595 करोड़ रुपये की अघोषित आय मिली। यह जानकारी एक वरिष्ठ आयकर अधिकारी ने शनिवार को दी।
एक वरिष्ठ आयकर जांच अधिकारी ने बताया कि छापेमारी में कई अहम सुबूत मिले हैं और मार्टिन ने भी इस बात को स्वीकार किया कि अघोषित 595 करोड़ रुपये थोक व्यापारियों की ओर से प्राइज विनिंग टिकट्स (पीडब्ल्यूटी) की हेराफेरी के लिए मिली थी। साथ ही उसने विभिन्न इंवेस्टमेंट के लिए 600 करोड़ से अधिक की अघोषित पावती के भी होने की बात स्वीकार की है।
छापेमारी के दौरान 8.25 करोड़ रुपये की अघोषित नकदी भी बरामद हुई। इसमें से 5.8 करोड़ रुपये की नकदी जब्त कर ली गई और शेष रकम को निषेधात्मक आदेश के तहत रखे गए हैं। साथ ही सोने और डायमंड की ज्वैलरी भी मिली है, जिसकी कीमत तकरीबन 24.57 करोड़ रुपये हो सकती है। इसके भी निषेधात्मक आदेश के तहत रखा गया है। कोयंबटूर स्थित बिजनेस समूह कुछ राज्यों में सरकारी लॉटरी का काम संभालता है। पिछले दो साल में एडवांस टैक्स भुगतान में नाकाम रहने के चलते आयकर विभाग की नजर में था।
आयकर विभाग ने 30 अप्रैल को कोयंबटूर, चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, दिल्ली, हैदराबाद, गुवाहाटी, सिलीगुड़ी, गंगटोक, रांची और लुधियाना समेत 70 परिसरों पर छापा मारा। यह समूह खासकर पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में खासा सक्रिय है और एक तरह से यहां इसका लॉटरी व्यापार में एकाधिकार है। समूह रियल एस्टेट और फाइनेंस बिजनेस का भी काम करता है। मार्टिन द्वारा संचालित एक फर्म में कार्यरत एक 45 वर्षीय व्यक्ति कोयंबटूर में शुक्रवार को मृत मिला था। आयकर अधिकारियों ने इससे पूछताछ भी की थी।