केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा, ईआईए मसौदे पर सवाल उठाने वाले वही लोग हैं, जो जब सत्ता में थे तो बिना किसी सलाह के बड़े फैसले लेते थे। कुछ नेता मसौदे के खिलाफ प्रदर्शन करने की मांग कर रहे हैं। यह अंतिम अधिसूचना नहीं है, ऐसे में वह कैसे मसौदे के खिलाफ प्रदर्शन कर सकते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा, कोविड-19 के चलते मसौदे को 150 दिनों तक जनता के सुझावों के लिए रखा गया।
अन्यथा नियमों के मुताबिक यह अवधि सिर्फ 60 दिन की होती है। हमें हजारों सुझाव मिले, जिनका हमने स्वागत किया। हमने उन सुझावों पर विचार किया और उसके बाद मसौदे को अंतिम रूप दिया।
लिहाजा जल्दबाजी में मसौदे का विरोध करना सही नहीं है। जो लोग प्रदर्शन करने की बात कह रहे हैं, ये वही लोग हैं जो सत्ता में रहते हुए बिना किसी परामर्श के बड़े बड़े फैसले लेते थे। राहुल गांधी की मसौदे को लेकर आपत्ति अनावश्यक है और बिना सोच समझे बयान दे रहे हैं।