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पर्यावरण प्रभाव आकलन के मसौदे पर राहुल का ट्वीट, ड्राफ्ट को वापस ले केंद्र सरकार

Mon, 10 Aug 2020 10:53 AM IST
Tanuja Yadav न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राहुल गांधी (फाइल फोटो) - फोटो : PTI
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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) के मसौदे को लेकर सोमवार को सरकार पर फिर से निशाना साधा और कहा कि इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने ट्वीट कर आरोप लगाया कि ईआईए-2020 के मसौदे का मकसद ‘देश की लूट’ है।

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कांग्रेस नेता ने दावा किया है कि यह एक और खौफनाक उदाहरण है कि भाजपा सरकार देश के संसाधन लूटने वाले चुनिंदा सूट-बूट वाले ‘मित्रों’ के लिए क्या-क्या करती आ रही है। राहुल गांधी ने कहा कि देश की लूट और पर्यावरण की तबाही को रोकने के लिए ईआईए-2020 का मसौदा वापस लिया जाना चाहिए।’

उन्होंने रविवार को भी लोगों से अपील की थी कि वे नए पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) 2020 मसौदे के खिलाफ प्रदर्शन करें क्योंकि यह “खतरनाक” है और अगर अधिसूचित होता है तो इसके दीर्घकालिक परिणाम “विनाशकारी” होंगे। गौरतलब है कि पर्यावरण मंत्रालय ने इस साल मार्च में ईआईए के मसौदे को लेकर अधिसूचना जारी की थी और इस पर जनता से सुझाव मांगे गए थे।
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इसके तहत अलग-अलग परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी देने के मामले आते हैं।

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जनता से बिना पूछे बड़े बड़े फैसले लेने वाले उठा रहे मसौदे पर आपत्ति: जावड़ेकर

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए कहा, ईआईए मसौदे पर सवाल उठाने वाले वही लोग हैं, जो जब सत्ता में थे तो बिना किसी सलाह के बड़े फैसले लेते थे। कुछ नेता मसौदे के खिलाफ प्रदर्शन करने की मांग कर रहे हैं। यह अंतिम अधिसूचना नहीं है, ऐसे में वह कैसे मसौदे के खिलाफ प्रदर्शन कर सकते हैं।  केंद्रीय मंत्री ने कहा, कोविड-19 के चलते मसौदे को 150 दिनों तक जनता के सुझावों के लिए रखा गया।

अन्यथा नियमों के मुताबिक यह अवधि सिर्फ 60 दिन की होती है। हमें हजारों सुझाव मिले, जिनका हमने स्वागत किया। हमने उन सुझावों पर विचार किया और उसके बाद मसौदे को अंतिम रूप दिया।

लिहाजा जल्दबाजी में मसौदे का विरोध करना सही नहीं है। जो लोग प्रदर्शन करने की बात कह रहे हैं, ये वही लोग हैं जो सत्ता में रहते हुए बिना किसी परामर्श के बड़े बड़े फैसले लेते थे। राहुल गांधी की मसौदे को लेकर आपत्ति अनावश्यक है और बिना सोच समझे बयान दे रहे हैं।
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