कांग्रेस ‘धर्म की आंधी’ से कैसे निपटेगी?
कार्यक्रम में मौजूद महिला ने उनसे सवाल किया कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश में चल रही ‘धर्म की आंधी’ से कैसे निपटेगी? इस पर राहुल ने कहा कि यह धर्म नहीं है। मैंने इस्लाम के बारे में पढ़ा है। ईसाई धर्म के बारे में पढ़ा है। यहूदी धर्म-बौद्ध धर्म के बारे में पढ़ा है। मैं हिंदू धर्म को भी समझता हूं। कोई धर्म नहीं कहता है कि नफरत फैलाओ। राहुल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा जो कर रही है वो धर्म नहीं, अधर्म है। उन्होंने कहा कि जैसे ही व्यक्ति तपस्या करना बंद कर देता है, तो उसके लिए भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। कांग्रेस तपस्वियों की पार्टी है, जबकि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इसके विपरीत हैं।
योगी कोई धार्मिक नेता नहीं: राहुल
सिविल सोसाइटी के सदस्यों को सावधानीपूर्वक शब्दों का चयन करने के लिए कहते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में योगी एक धार्मिक नेता नहीं हैं। वे हिंदू धर्म को भी नहीं समझते हैं, क्योंकि अगर वह ऐसा करते, तो वह वह नहीं कर रहे होते जो वह कर रहे हैं।
भारत जोड़ो यात्रा पर कही यह बात
भारत जोड़ो यात्रा पर बोलते हुए राहुल ने कहा कि 'भारत जोड़ो यात्रा' सिर्फ पहला कदम था और उनके पास दो-तीन विचार और हैं, जिन्हें वह उचित समय पर प्रकट करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि 4,000 किमी से अधिक कन्याकुमारी से कश्मीर यात्रा भलाई के लिए थी, इससे हमें सकारात्मक ऊर्जा मिली। इसमें लोगों से लेकर जानवरों तक सभी ने भाग लिया। राहुल गांधी ने कहा कि यात्रा के दौरान कुछ लोग 'जय श्री राम' के नारे लगा रहे थे और उन्होंने उनसे इसके बजाय 'जय सिया राम' का जाप करने को कहा।