कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शुक्रवार को राफेल सौदे को लेकर एक बार फिर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। सौदे में दाल में कुछ काला होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने यूपीए कार्यकाल के दौरान 3 बार अलग-अलग वक्त पर सांसदों द्वारा रक्षा सौदों को लेकर पूछे गए सवालों के जवाब ट्वीट किए। इन ट्वीट को वित्त मंत्री अरुण जेटली के उस बयान का जवाब माना जा रहा है जिसमें उन्होंने कहा था कि यूपीए सरकार के दौरान भी राष्ट्रीय सुरक्षा के चलते रक्षा सौदों की जानकारी साझा नहीं की गई थी।
राहुल ने ट्वीट किया, प्रिय मिस्टर जेटलाई, आपने कहा था यूपीए ने रक्षा खरीद की कीमतों की जानकारी कभी नहीं दी। आपके झूठ का पर्दाफाश करते हुए यहां रक्षा सौदों की कीमतों को लेकर यूपीए द्वारा दिए गए तीन संसदीय जवाबों को दिया जा रहा है। अब आप अपनी रक्षा मंत्री से कहें कि वह देश को बताएं कि एक राफेल विमान कितने में खरीदा जा रहा है। इस ट्वीट में उन्होंने एक बार फिर जेटली की जगह जेटलाई लिखा है।
गुजरात चुनाव के दौरान भी ऐसा करने पर उनके खिलाफ एक भाजपा सांसद ने विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था। ट्वीट में कांग्रेस अध्यक्ष ने एयरक्राफ्ट कैरियर एडमिरल गोर्शकोव, सुखोई-30 की कीमतों को लेकर दिए गए जवाब शामिल किए हैं।
लोकसभा में इस मुद्दे पर बोलने को दिया नोटिस
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष ने राफेल मुद्दे पर
लोकसभा में बोलने के लिए स्पीकर सुमित्रा महाजन को लिखित में नोटिस दिया है। यह नोटिस नियम 357 के तहत देते हुए स्पीकर से इस मामले में बोलने की अनुमति मांगी है।
कांग्रेस सांसदों का हंगामा
आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा की मांग को लेकर लोकसभा में प्रदर्शन कर रहे टीडीपी और वाईएसआर कांग्रेस सांसदों की नारेबाजी के बीच कांग्रेस सांसदों ने राफेल मुद्दे पर हंगामा किया। पार्टी सांसदों ने हाथों में पोस्टर ले रखे थे और रक्षा मंत्री जवाब दो, राफेल की कीमत बताओ जैसे नारे लगा रहे थे। इस नारेबाजी के दौरान सोनिया गांधी भी सदन में मौजूद थीं।