वहीं, उपभोक्ता मामले,खाद्य और जन वितरण मंत्री रामविलास पासवान ने राहुल के इस बयान पर कहा है कि गरीबों के लिए खाद्यान्न की कमी नहीं है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को नकारात्मक सोच नहीं रखनी चाहिए। पासवान ने पलटवार करते हुए कहा कि क्या वह चाहते हैं कि आर्थिक रूप से कमजोर लोग सैनिटाइजर और मास्क का इस्तेमाल ना करें।
पासवान ने सवाल किया, क्या वह (राहुल) चाहते हैं कि केवल अमीर ही सैनिटाइजर और मास्क का इस्तेमाल करें? क्या गरीबों को मरने के लिए छोड़ दिया जाए? हमने पहले से योजना बना रखी थी ताकि इतने सैनिटाइजर उपलब्ध हों कि गरीब भी उसका इस्तेमाल कर सकें। उन्हें अपनी नकारात्मक सोच छोड़ देनी चाहिए, यह देश के लिए बहुत खतरनाक है।
सरकार ने कहा है कि इथेनॉल का इस्तेमाल अल्कोहल आधारित सेनेटाइजर के निर्माण में और पेट्रोल में मिश्रित करने में हो सकता है।
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी को जवाब देने के लिए भाजपा ने पासवान को सामने लाने का फैसला लिया है क्योंकि यह मुद्दा उनके मंत्रालय से जुड़ा है और वह इस मुद्दे पर भरोसेमंद आवाज के तौर पर देखे जाते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार गरीबों के लिए समर्पित है और जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) के 81 करोड़ लाभार्थियों को आपूर्ति के लिए अनाज का 18 महीने का भंडार है।
पासवान ने कहा, ‘हमारी प्राथमिकता है कि कोई भी भूखा ना रहे । मुझे लगता है यह कहना गलत है कि सैनिटाइजर और मास्क अमीरों के इस्तेमाल के लिए हैं। हम चाहते हैं कि गरीब भी इसका इस्तेमाल करें।’ लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के नेता ने कहा कि राहुल गांधी को इसके बजाय जाकर देखना चाहिए कि कहां गरीब लोग भूखे हैं और राज्य या केंद्र के संज्ञान में इसे लाना चाहिए।
केरल ने मंगलवार को अल्कोहल आधारित सेनेटाइजर बनाने के मकसद से भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के पास पड़े अतिरिक्त चावल के उपयोग को मंजूरी देने के फैसले के लिए केंद्र सरकार की भर्त्सना की है। प्रदेश के वित्तमंत्री थॉमस इसाक ने एक ट्वीट के माध्यम से कहा, ‘साबुन और पानी सहित सस्ते विकल्प उपलब्ध होने के बावजूद अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर बनाने के लिए खाद्यान्न देने का क्या औचित्य है?’ इसाक ने कहा, ‘सरकार, मांग के आधार पर हर घर में तुरंत खाद्यान्न वितरित करे, चाहे उनके पास राशन कार्ड हो या न हो।’