राहुल बोले, भारत को ऐसी सरकार चाहिए, जो तेजी से आर्थिक विकास के लिए प्रतिबद्ध हो। इसमें समावेशी विकास की भावना रहे। ऐसा कुछ न हो, जिससे लोगों और राज्यों के बीच असमानताओं का ग्राफ ऊपर होता जाए। भारत को ऐसी सरकार की जरूरत है जो भ्रष्टाचार और लोगों के संसाधनों की लूट में न फंसी हो। एक ऐसी सरकार जो पूरी तरह से एनपीए के लाभकारी क्रॉनी पूंजीपतियों के माध्यम से पूरे बैंकिंग सिस्टम पर हमला नहीं करती हो।
उन्होंने कहा कि भारत को ऐसी सरकार की जरूरत है जो राफेल जैसे भ्रष्टाचार के घोटालों पर षड्यंत्रकारी ढक्कन नहीं डालती हो। आर्थिक विकास छोटे व्यापारियों, दुकानदारों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों की चिंताओं को संबोधित करने पर केंद्रित हो। व्यापारियों और उद्योगपतियों का उत्पीड़न खत्म हो। उद्यम की भावना को पूर्ण स्वतंत्रता की अनुमति दी जानी चाहिए।
राहुल गांधी ने कहा, भारत को ऐसी सरकार की जरूरत है जो वर्तमान की समस्याओं और भविष्य की चुनौतियों के साथ निर्णायक रूप से कार्य करे। ऐसी सरकार नहीं चाहिए, जो नाम बदलने में यकीन करती हो। विकास की जगह सरकार का ध्यान केवल शहरों और सड़कों का नाम बदलने की तरफ न हो।
उन्होंने कहा कि अगले कुछ महीनों के दौरान हम देश के लोगों के सामने, पूर्ण पारदर्शिता और उत्तरदायित्व के साथ किए गए कार्यों का एक व्यापक कार्यक्रम पेश करेंगे। गांधी ने कहा कि संविधान को बचाने, संसदीय लोकतंत्र की रक्षा करने, स्वतंत्रता के रूप में सोचने, बोलने और लिखने की आजादी को बचाने के लिए आरएसएस और भाजपा की सरकार को हटाना होगा।