कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी कर्नाटक के बेंगलुरू में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) पहुंचे। जहां उन्होंने कंपनी कर्मचारियों से राफेल मुद्दे पर बातचीत की और उनके अनुभव को जाना। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी-अपनी बात रखी। बता दें कि राफेल मामले पर राहुल गांधी लगातार मोदी सरकार पर हमला कर रहे हैं।
इस दौरान राहुल गांधी ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार ने 70-72 साल अनुभव वाली कंपनी एचएएल को राफेल का कांट्रेक्ट नहीं दिया, बल्कि कुछ दिन पहले ही बनी अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस को इसका ठेका दिया। उन्होंने कहा कि यह एचएएल कर्मचारियों सहित पूरे देश के साथ धोखा है, यह बहुत बड़ा भ्रष्टाचार है। उन्होंने कहा कि इससे देश का अपमान हुआ है। पीएम मोदी ने गरीब जनता का पैसा उद्योगपति अनिल अंबानी की जेब में डाल दिया है।
राहुल ने कहा कि एचएएल सिर्फ एक कंपनी नहीं है। जब भारत को आजादी मिली थी तब देश ने कुछ खास क्षेत्रों में छलांग लगाने की रणनीति बनाई थी, एचएएल अंतरिक्ष के क्षेत्र में भारत को स्थापित करने वाली अहम कंपनी है। देश हमेशा इस कंपनी का कर्जदार रहेगा।
राहुल गांधी ने इससे पहले कहा था कि एचएएल सबसे बड़ा शिकार बन गया है क्योंकि इस कंपनी के 10 हजार कर्मचारियों की नौकरी जाने वाली है। राहुल ने कहा था कि राफेल करार मिलने से 10 हजार नई नौकरी पैदा होने वाली थीं लेकिन अब मौजूदा नौकरियां भी खत्म हो रही हैं।
कांग्रेस ने कहा था कि यदि हमारे समय पर किया गया करार आगे बढ़ाया जाता और 18 हवाई जहाज खरीदे जाते तथा बाकी हिंदुस्तान में बनाए जाते तो हमारी विनिर्माण क्षमता बढ़ती। कांग्रेस का आरोप है कि प्रधानमंत्री मोदी ने फ्रांस की सरकार से 36 लड़ाकू विमान खरीदने का जो सौदा किया है उसका मूल्य संप्रग सरकार के समय किए गए सौदे की तुलना में अधिक है।
इसकी वजह से सरकारी खजाने को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पार्टी का दावा है कि प्रधानमंत्री मोदी ने इस सौदे को बदलवाया और ठेका हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड से लेकर रिलायंस डिफेंस को दे दिया।