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छात्रों संग चर्चा: राहुल गांधी का प्रधानमंत्री पर निशाना, कहा- बहस से भागते हैं मोदीजी

Sat, 23 Feb 2019 12:18 PM IST
Nilesh Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राहुल गांधी - फोटो : Rahul Gandhi Twitter
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कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी की सरकार बनने पर देश के लिए प्राण न्यौछावर करने वाले अर्धसैनिक बलों के जवानों को भी 'शहीद' का दर्जा देने की व्यवस्था की जाएगी। 

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गांधी ने यहां छात्रों के साथ संवाद के दौरान एक सवाल के जवाब में कहा, 'अर्धसैनिक बलों को शहीद का दर्जा मिलना चाहिए। अगर हमारी सरकार आई तो उन्हें शहीद का दर्जा मिलेगा।' पुलवामा आतंकी हमले के बाद भी कांग्रेस अध्यक्ष ने सीआरपीएफ जवानों को शहीद का दर्जा नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधा था और कहा था कि मोदी के 'न्यू इंडिया' में अपने प्राण न्यौछावर करने वाले जवानों को शहीद का दर्जा नहीं मिलता, लेकिन एक उद्योगपति को 30 हजार करोड़ रुपये का तोहफा आसानी से मिलता है।

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छात्रों के साथ बातचीत में गांधी ने देश की शिक्षा व्यवस्था में एक खास विचारधारा थोपे जाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'आप किसी भी विश्वविद्यालय में पूछ लीजिये। पता चलेगा कि कुलपति के पद पर एक विचारधारा और एक संगठन के लोग बैठाए जा रहे हैं। वे हिंदुस्तान की शिक्षा व्यवस्था को अपना औजार बनाना चाहते हैं।' 

गांधी ने कहा, 'हमें इन संस्थाओं को स्वायत्तता देनी है, पूरा धन देना है। यह नहीं कहना है कि उन्हें क्या करना है। यही हममें और उनमें फर्क है।' उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा सरकार शिक्षा पर बजट में कटौती की है और वह शिक्षा को निजी समूहों के हाथों में सौंप रही है। 

राहुल गांधी ने कहा कि जब आप भारत, अमेरिका और यूरोप के देशों को देखेंगे तो सबसे बड़ी समस्या नौकरियों की हैं। देश में बेरोजगारी का भीषण संकट है। सरकार इस संकट को मान नहीं रही है। इस समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा, यही कारण है कि गुस्सा बढ़ रहा है और दक्षिणपंथी संगठन उस गुस्से का इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होने कहा कि पीएम बहस से भागते हैं। वह युवाओं से बात नहीं करते हैं। हमारा देश नफरत का नहीं बल्कि प्यार और भाईचारे का देश है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उद्योगपतियों का 3.5 लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ किया। 15-20 उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाया गया है। किसानों का कर्ज माफ नहीं हुआ।

उन्होने कहा कि जब मैं कहता हूं कि सरकार को शिक्षा के लिए मदद करना चाहिए, तो इसका मतलब है कि बैंक कर्ज को आसान बनाना, छात्रवृत्ति, अधिक विश्वविद्यालयों को जोड़ना, नामांकन को आगे बढ़ाना। अगर आप इनके आंकड़ों को देखें, तो भाजपा राज में इनमें गिरावट आई है। 
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छात्रों का संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'जब मेरी दादी की मौत हुई मेरे पापा बगल में थे। मेरी दादी मेरे लिए मां से भी ज्यादा थी। मेरी दादी की हत्या उनकी सुरक्षा करने वालों ने की थी। सतवंत सिंह ने मुझे बैडमिंटन सिखाया था।' उन्होंने कहा कि इस देश के युवा ही वास्तव में इस देश को प्रगति की ओर ले जाने में सक्षम हैं। 

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