राहुल गांधी ने संसद में अपने भाषण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाकर जो छक्का मारा था, उसका असर अभी तक भाजपा और राजनीति के गलियारे में देखा जा रहा है। इस बीच दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने एक ऐसा खुलासा किया है, जिसे जानकर आप भी हैरान हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि राहुल गांधी ने एक तांत्रिक के कहने पर प्रधानमंत्री मोदी को गले लगाया था। तांत्रिक ने यह सलाह दी थी कि अगर राहुल अपने भाषण के बाद प्रधानमंत्री की कुर्सी छू लेंगे तो उनके प्रधानमंत्री बनने के योग मजबूत हो जाएंगे।
बग्गा ने अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहा कि उनके एक युवा कांग्रेसी सांसद मित्र ने उन्हें यह जानकारी दी है। बग्गा के मुताबिक कांग्रेस नेता ने उन्हें बताया था कि तांत्रिक ने
राहुल गांधी को भाषण के तुरंत बाद किसी भी तरह से प्रधानमंत्री की कुर्सी छूने की सलाह दी थी। अब चूंकि राहुल गांधी सीधे प्रधानमंत्री की कु्र्सी नहीं छू सकते थे, इसलिए वो उन्हें गले लगने के बहाने वहां तक गए और इसी बीच उनकी कुर्सी भी छू ली।
बग्गा ने कहा कि अब राहुल गांधी को यह बताना चाहिए कि क्या वाकई उन्होंने एक तांत्रिक के कहने पर प्रधानमंत्री को गले लगाया था। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर वाकई इसमें सच्चाई है तो देश की सबसे पुरानी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास का सहारा लेना बेहद निंदनीय हरकत होगी।
अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री के गले लगे थे राहुल
राहुल गांधी ने तेलुगु देशम पार्टी द्वारा
मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को गले लगा लिया था। उन्होंने कहा था कि वे (भाजपा) उनसे चाहे जितनी नफरत करें, लेकिन वे (राहुल) प्यार से उसका जवाब देंगे। राहुल के इस कदम को उनका मास्टर स्ट्रोक बताया जा रहा है।
कहा जा रहा है कि पहले तो पीएम को यह समझ ही नहीं आया कि राहुल गले क्यों मिल रहे हैं, लेकिन जब तक उन्हें राहुल के मास्टर स्ट्रोक की समझ आई, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। हलांकि पीएम मोदी ने वापस जाते राहुल को वापस बुलाकर उनकी पीठ थपथपाई थी।
हालांकि अगले ही दिन उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में आयोजित एक रैली में प्रधानमंत्री ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर करारा तंज भी कसा था। उन्होंने कहा था कि जब हमने अविश्वास प्रस्ताव लाने वालों से इसकी वजह पूछी तो वो गले पड़ गए।