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पंचतत्व में विलीन हुए पिता राजीव गांधी के खास दोस्त, नंगे पैर कंधा देने पहुंचे राहुल गांधी

Fri, 19 Feb 2021 01:13 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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कैप्टन सतीश शर्मा के पार्थिव शरीर को कंधा देते हुए राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के खास दोस्त कैप्टन सतीश शर्मा का अंतिम संस्कार हो चुका है और अपने पिता के खास दोस्त के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने नंगे पैर पार्थिव शरीर को कंधा दिया। आज दिल्ली में कैप्टन सतीश शर्मा का अंतिम संस्कार हुआ।
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सतीश शर्मा की अंतिम यात्रा में पहुंचे राहुल और प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस नेता कैप्टन सतीश शर्मा का अंतिम संस्कार शुक्रवार को दिल्ली में हुआ। इस दौरान कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कैप्टन सतीश शर्मा के पार्थिव शरीर को कंधा दिया। बता दें कि कांग्रेस नेता कैप्टन सतीश शर्मा कैंसर से पीड़ित थे और बुधवार को गोवा में उनका निधन हो गया था। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं ने दयानंद मुक्ति धाम में सतीश शर्मा को श्रद्धांजलि दी।
 
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सतीश शर्मा को राहुल गांधी ने दी श्रद्धांजलि - फोटो : अमर उजाला
कैप्टन सतीश शर्मा को गांधी परिवार का करीबी माना जाता था। कैप्टन शर्मा नरसिम्हा राव की सरकार में 1993-1996 तक पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री थे। आंध्र प्रदेश के सिकंदराबाद में 11 अक्तूबर, 1947 में जन्मे कैप्टन शर्मा ने 1991 में राजीव गांधी के निधन के बाद अमेठी से लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया।

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सतीश शर्मा का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
कैप्टन सतीश शर्मा पेशे से एक कमर्शियल पायलट थे। कैप्टन सतीश शर्मा रायबरेली और अमेठी निर्वाचन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व कर चुके थे और तीन बार लोकसभा सदस्य चुने गए थे। सतीश शर्मा तीन बार राज्यसभा सदस्य भी बने और उन्होंने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व किया।
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सतीश शर्मा का अंतिम संस्कार - फोटो : अमर उजाला
साल 1991 में राजीव गांधी की हत्या के बाद सतीश शर्मा को अमेठी से चुनाव में उतारा गया था और वहां से उन्होंने रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी। 1996 में वह अमेठी से फिर सांसद बने लेकिन 1998 में संजय सिंह से हार गए। 2004 में राहुल गांधी के अमेठी से चुनाव लड़ने की वजह से उन्होंने सीट त्याग दी और सुल्तानपुर से चुनाव लड़ा। हालांकि सतीश शर्मा यहां भी हार गए थे।
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