कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इस समय अमेठी दौरे पर हैं। यहां उन्होंने एक सरकारी स्कूल का दौरा किया, जहां छात्रों के सवालों के उन्होंने अजीब जवाब दिए। अमेठी में स्कूली छात्रों के साथ बातचीत के दौरान एक छात्रा ने गांधी से पूछा कि सरकार ने बहुत से कानून बनाए हैं लेकिन वह सभी गांवों में ठीक तरह से लागू क्यों नहीं हो पाते हैं? इसके जवाब में राहुल ने कहा- यह आप मोदीजी से पूछिए। मेरी सरकार थोड़ी ही है। जब हमारी सरकार होगी तब हमसे पूछना।
कांग्रेस अध्यक्ष के इस जवाब से वहां सभी मुस्कुराने लगे। इसके बाद जब उसी छात्रा ने अमेठी को लेकर सांसद से सवाल पूछा को उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ लिया और सारा आरोप उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर मढ़ दिया।
राहुल ने कहा- नहीं नहीं। अमेठी को तो योगीजी चलाते हैं। मैं तो अमेठी का सांसद हूं। मेरा काम लोकसभा में कानून बनाने का है। मगर योगीजी का काम यूपी को चलाने का है और योगीजी दूसरा काम कर रहे हैं। बिजली का काम नहीं कर रहे हैं, पानी का काम नहीं कर रहे हैं। शिक्षा का काम नहीं कर रहे हैं और क्रोध फैला रहे हैं। राहुल ने छात्रों द्वारा पूछे गए कुछ और सवालों के जवाब दिए और वहां से चले गए।
बता दें कि संसद में भूमिका के अलावा एक सांसद का अपने राज्य या निर्वाचन क्षेत्र के विकास में काफी महत्वपूर्ण योगदान होता है। उसे हर साल स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत अपने क्षेत्र पर 5 करोड़ रुपए खर्च करने के लिए आवंटित किए जाते हैं। वहीं अमौसी एयरपोर्ट पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मिलने का मौका न मिलने पर कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने राहुल गांधी के चले जाने के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर का घेराव किया। आरोप लगाया कि पैसे लेकर स्वागत लाइन में नेताओं व कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया। हालांकि, प्रदेश कांग्रेस ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।
सोमवार की सुबह करीब 10 बजे राहुल गांधी अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे। हर बार की तरह उनके स्वागत के लिए सैकड़ों कांग्रेसी कार्यकर्ता एयरपोर्ट पर सुबह ही पहुंच गए थे। चूंकि स्वागत लाइन में ज्यादा भीड़ होने पर एसपीजी एतराज करती है, इसलिए इस बार स्वागत करने वालों का एक मानक तय कर दिया गया था। इसके तहत स्वागत लाइन में लगने के लिए एमएलए, पूर्व एमएलए, पूर्व एमपी, पूर्व मंत्री, पीसीसी व एआईसीसी सदस्य और प्रकोष्ठों व विभागों के चेयरमैन के नाम ही आगे बढ़ाए गए।