भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी और तमिल पादरी जॉर्ज पोन्नैया का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा कांग्रेस पर हमलावर है। इस बीच कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के बयान पर नया विवाद शुरू हो गया है।
दरअसल, जॉर्ज पोन्नैया व राहुल गांधी का वीडियो सामने आने के बाद पवन खेड़ा ने कहा था कि अच्छा हुआ कि गौतम बुद्ध और अंगुलिमाल भाजपा के समय में नहीं थे। इसके बाद भाजपा नेता अमित मालवीय ने खेड़ा पर व्यक्तिगत हमला करते हुए उन्हें मनीष तिवारी का दोस्त बताया। उन्होंने कहा कि क्या उन्होंने राहुल गांधी की तुलना अंगुलिमाल या गौतम बुद्ध से की है? यह किसी भी तरह से भगवान बुद्ध का अपमान है। दरअसल, अंगुलिमाल एक डकैत था, जो भगवान बुद्ध से मिलने के बाद पूरी तरह बदल गया था।
जिन्हें सनातम धर्म का नहीं पता
अमित मालवीय ने ट्वीट किया, "मनीष तिवारी के दोस्त के मुताबिक राहुल गांधी अंगुलिमाल हैं और नफरत फैलाने वाले पादरी भगवान बुद्ध हैं या इसके उलट हैं? आप इसे जैसे भी देखें, यह भगवान बुद्ध का अपमान है। जिन्हें न तो सनातन धर्म का पता है और न ही कांग्रेस का, वे अब प्रायश्चित कर रहे हैं..."
पवन खेड़ा ने क्या कहा था?
राहुल गांधी और पादरी का वीडियो सामने आने के बाद पवन खेड़ा ने कहा था कि भाजपा बहस, संवाद, अंतरधार्मिक संवाद के महत्व को नहीं समझती है और यह परंपरा नई नहीं है। यह सनातन परंपरा है कि अलग-अलग राय वाले लोग आपस में जुड़ते हैं। यही हमें समृद्ध करती है। जब भाजपा, राहुल गांधी से एक्स, वाई, जेड से मिलने के बारे में सवाल करती है, तो मुझे खुशी होती है कि जब अंगुलिमाल और गौतम बुद्ध की बातचीत हुई थी, तब भाजपा नहीं थी।
कहां से शुरू हुआ था विवाद
दरअसल, भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गांधी और तमिल पादी जॉर्ज पोन्नैया के बीच हुई बातचीत का वीडियो सामने आया था। इसमें राहुल गांधी ने पूछा कि क्या ईसा मसीह असली भगवान हैं या भगवान का एक रूप हैं? इसके जवाब में पोन्नैया कहते हैं कि यीशु मसीह असली भगवान हैं, वह किसी शक्ति की तरह नहीं आए थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद भाजपा ने राहुल गांधी को 'हिंदू विरोधी' करार दिया था।