कैलाश मानसरोवर की यात्रा की इच्छा जताकर कांग्रेस अध्यक्ष एक संदेश देते नजर आ रहे हैं। उनके कार्यालय से जुड़े एक सदस्य का कहना है कि राहुल गांधी दिखावे के लिए धार्मिक नहीं है बल्कि उनकी धर्म में आस्था है। वह धर्म के मूल्य, मान्यता, परंपरा का सम्मान करते हुए इसके अनुयायी हैं। बिना भाजपा का नाम लिए सूत्र का कहना है कि उनका हिन्दुत्व अलग है। वह लोगों को बांटता है। वह अयोध्या में राम मंदिर के नाम पर सत्ता में आते हैं और राम मंदिर के मुद्दे को ही भूल जाते हैं। वह (भाजपा) इसे केवल अपने राजनीतिक हितों के लिए याद करते हैं। कांग्रेस यह दिखावा नहीं करती।
क्या भाजपा के हिन्दुत्व को चुनौती दे पाएंगे कांग्रेस अध्यक्ष
इस मुद्दे पर कांग्रेस के नेता अभी कुछ नहीं बोलना चाहते। पार्टी के दो महासचिवों का मानना है कि कांग्रेस कभी भी भाजपा के हिन्दुत्व का मुकाबला नहीं कर सकती। उनका हिन्दुत्व वहीं है जो उन्हें राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ मुख्यालय (आरएसएस) बताता है। पार्टी के एक नेता एसवी रमणी का कहना है कि हमें आरएसएस और भाजपा के हिन्दुत्व से कोई तुलना नहीं करनी है क्योंकि उनका हिन्दुत्व भारतीय वेद, शास्त्र, परंपरा से मेल नहीं खाता। रमणी कहते हैं कि इसलिए हमें इसमें कोई प्रतियोगिता नहीं करनी है। फैसला देश की जनता को लेना है और हमें सिर्फ अपने धर्म में आस्था बनाए रखकर अपना काम करना है।