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Ashwini Vaishnaw: भारत का डेटा बेचा गया? राहुल गांधी के आरोपों पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव का पलटवार

Wed, 11 Feb 2026 03:40 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

राहुल गांधी के भारत के डेटा और अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर दिए गए बयान से राजनीतिक हलचल तेज। आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने डेटा प्रोटेक्शन एक्ट का हवाला देते हुए आरोपों को खारिज किया। पढ़ें पूरी खबर...
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राहुल गांधी और अश्विनी वैष्णव - फोटो : ANI
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विस्तार
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देश की राजनीति में एक बार फिर डेटा सुरक्षा और अमेरिका-भारत व्यापार समझौता चर्चा के केंद्र में आ गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा भारत के डेटा के साथ समझौता किए जाने के आरोपों के बाद केंद्र सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

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केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राहुल गांधी के बयान पर जवाब देते हुए कहा भारत का डेटा 'डेटा प्रोटेक्शन एक्ट' के तहत सुरक्षित है। देश के सभी संवेदनशील क्षेत्रों के अपने-अपने नियम हैं। आरोप लगाने से पहले तथ्यों की पुष्टि कर लेनी चाहिए। सरकार का स्पष्ट कहना है कि देश की डेटा संप्रभुता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया गया है।

हम डेटा के मामले में ताकतवर हैं- राहुल गांधी
बुधवार को लोकसभा में अपने संबोधन के दौरान राहुल गांधी ने भारत की ताकत को जनता और डेटा से जोड़ा। उन्होंने कहा कि 1.4 अरब लोगों का देश सिर्फ जनसंख्या के आधार पर ही नहीं, बल्कि डेटा के विशाल भंडार के कारण भी वैश्विक शक्ति बन सकता है। उन्होंने एआई की तुलना इंजन से करते हुए कहा कि जैसे इंजन को पेट्रोल की जरूरत होती है, वैसे ही एआई को डेटा की आवश्यकता होती है। अगर आपके पास पेट्रोल यानी डेटा नहीं है, तो एआई बेकार है। राहुल गांधी के मुताबिक, इस समय दुनिया में दो बड़े डेटा पूल हैं भारत और चीन। ऐसे में भारत के पास वैश्विक शक्ति बनने का सुनहरा अवसर है।
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एआई युग और बदलती वैश्विक राजनीति
राहुल गांधी ने कहा कि दुनिया अब एक या दो सुपरपावर के दौर से आगे बढ़कर बहु-ध्रुवीय (Multi-polar) व्यवस्था की ओर जा रही है। उन्होंने अमेरिकी वर्चस्व और डॉलर की स्थिति को चुनौती मिलते हुए बताया। उनका कहना था कि एआई के इस दौर में पारंपरिक आईटी इकोसिस्टम पर असर पड़ेगा और कई इंजीनियरों की नौकरियों पर खतरा मंडरा सकता है।

अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने हालिया अमेरिका-भारत व्यापार समझौते पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने भारत के डेटा ट्रेड पर अमेरिका को नियंत्रण दे दिया है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका को अपनी सुपरपावर स्थिति बनाए रखनी है, तो उसके लिए भारत का डेटा सबसे अहम है। जब हम समझौते की टेबल पर जाते हैं, तो हम अपने ही लोगों को उस टेबल पर रख देते हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने अमेरिका को डेटा तक मुक्त पहुंच दे दी है और सोर्स कोड साझा न करने की छूट भी दी है।
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किसानों, ऊर्जा और टैरिफ पर भी उठाए सवाल
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि ट्रेड डील के जरिए भारतीय बाजार अमेरिकी किसानों के लिए खोल दिए गए हैं, जिससे भारतीय कृषकों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने ऊर्जा खरीद, टैरिफ नीति और आर्थिक फैसलों पर भी अमेरिका के प्रभाव का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यह देश के हितों के खिलाफ है।

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