कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल में संगठनात्मक बदलाव कर संकेत दिए हैं कि पार्टी भविष्य में ममता बनर्जी के साथ ही आगे बढ़ेगी। ममता की टीएमसी सरकार के खिलाफ खुलकर विरोध जताने वाले अधीर रंजन चौधरी की जगह पार्टी ने सोमेंद्र नाथ मित्रा को अध्यक्ष बनाया है। बीते कुछ साल में कई बार ऐसे मौके आए जब चौधरी के चलते राज्य में कांग्रेस-टीएमसी आमने-सामने आ गईं।
चौधरी के बयानों और गतिविधियों से सिर्फ ममता ही असहज नहीं थीं। पार्टी के विधायकों ने भी आलाकमान से उनकी शिकायत की थी। पार्टी ने फिलहाल उन्हें राज्य की प्रचार समिति का अध्यक्ष बनाकर टीएमसी से टकराव को समाप्त किया है। कई बार ऐसा मौका भी आया जब केंद्रीय स्तर पर ममता कांग्रेस के साथ खड़ी दिखीं और राज्य इकाई ठीक उलट विरोध पर उतारू थी। राज्यसभा चुनाव में बंगाल से अभिषेक मनु सिंघवी की उम्मीदवारी को लेकर भी केंद्रीय नेतृत्व के खिलाफ चौधरी की गतिविधियां मुश्किलें बढ़ाने वाली थीं।