चुनाव आयोग ने तमिलनाडु में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान कर दिया है और इसके बाद से ही सभी राजनैतिक पार्टियां अपने चुनाव प्रचार के कार्यक्रम में लग गई हैं। इसी बीच कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी तमिलनाडु के तिरुनेलवेली दौर पर हैं और यहां उन्होंने अरुलमिगु नेलियापर मंदिर के दर्शन किए। इसके अलावा तिरुनेलवेली में सेंट जेवियर्स कॉलेज के प्रोफेसरों के साथ बातचीत भी की।
इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक ऐसा ‘दुर्जेय शत्रु’ बताया, जो अपने विरोधियों को ‘कुचल’ देता है। इसके साथ ही गांधी ने प्रेम और अहिंसा के मार्ग पर चलकर मोदी को राजनीतिक गुमनामी में भेजने का संकल्प लिया।
वहीं इस दौरान एक प्रतिभागी ने यह जानना चाहा कि क्या गांधी को लगता है कि सत्ता में आने का इंतजार किए बिना क्या मोदी सरकार पर उनके(राहुल गांधी) ‘अच्छे विचारों’ को लागू कराने के लिए दबाव बनाया जा सकता है, इस पर गांधी ने कहा कि यह लोगों के ‘शक्तिशाली’ और ‘मूल्यवान’ समर्थन से किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बड़े सपने देखना महत्वपूर्ण है, हालांकि हो सकता है कि उनमें से कुछ साकार नहीं हों। गांधी का परोक्ष तौर पर इशारा केंद्र में भाजपा से सत्ता लेने की ओर था।
गांधी ने कहा, ‘‘हां, हम एक ऐसे दुर्जेय शत्रु (मोदी) से लड़ रहे हैं जो इस देश में धन को हावी कर रहा है। हम एक ऐसे शत्रु से लड़ रहे हैं जो अपने विरोधियों को कुचल रहा है। हालांकि हमने पहले ऐसा किया है, हमने इस नए दुश्मन की तुलना में बहुत बड़े दुश्मन (अंग्रेजों) को हराया है।
उन्होंने देश के स्वतंत्रता आंदोलन को याद करते हुए कहा कि मोदी की तुलना में अंग्रेज अधिक शक्तिशाली थे। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश साम्राज्य की तुलना में नरेंद्र मोदी क्या हैं? कुछ भी नहीं। इस देश के लोगों ने ब्रिटिश साम्राज्य को उखाड़ फेंका और उसी तरह हम नरेंद्र मोदी को नागपुर (महाराष्ट्र में आरएसएस मुख्यालय) वापस भेज देंगे।
राहुल गांधी का परोक्ष तौर पर कहने का यह मतलब था कि लोगों के समर्थन के साथ कांग्रेस के हाथों हार के बाद मोदी राजनीतिक गुमनामी में चले जाएंगे।
गांधी ने कहा कि यह प्रधानमंत्री मोदी या उनकी पार्टी के प्रति किसी भी घृणा, क्रोध या हिंसा के बिना हासिल किया जाएगा, भले ही वे (भाजपा) उनके खिलाफ ‘दुर्व्यवहार’ या ‘हिंसा’ का इस्तेमाल करें।