इंडिया ब्लॉक की बैठक के बाद 2029 के प्रधानमंत्री पद के चेहरे को लेकर ममता बनर्जी से राहुल गांधी पर सवाल पूछा गया, लेकिन उन्होंने सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की बात कही। दूसरी ओर विपक्ष ने एसआईआर और चुनाव आयोग के मुद्दे पर देशभर में आंदोलन का एलान किया है। 6 अक्तूबर को सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। क्या राहुल 2029 के चेहरे होंगे? इस सवाल पर ममता बनर्जी ने क्या कहा? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की अहम बैठक के बाद 2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बैठक के बाद जब पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से पूछा गया कि क्या राहुल गांधी 2029 में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे, तो उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। ममता ने सिर्फ इतना कहा कि गठबंधन की ओर से गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की जाएगी। बैठक का मुख्य मुद्दा हालांकि चुनाव आयोग, विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर और मतदाता सूची को लेकर विपक्ष की रणनीति था। बैठक के बाद विपक्षी नेताओं ने देशभर में आंदोलन और चुनाव आयोग तक मार्च का एलान किया।
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बैठक के बाद नेताओं ने बताया कि इंडिया ब्लॉक इस मुद्दे को लेकर अब संयुक्त अभियान चलाएगा। माकपा-माले नेता दीपांकर भट्टाचार्य ने कहा कि 2 अक्तूबर यानी गांधी जयंती से देश के हर जिले में एक सप्ताह का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके बाद भी आंदोलन जारी रखने की बात कही गई। विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मुलाकात कर ज्ञापन देने की तैयारी में हैं। वहीं 6 अक्तूबर को सभी विपक्षी सांसद संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे। भाकपा सांसद पी. संदोश ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली की जानकारी भी दी।
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राहुल गांधी के 2029 वाले सवाल पर ममता ने क्या कहा?
ममता बनर्जी से जब पूछा गया कि क्या राहुल गांधी 2029 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे, तो उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वे इस बारे में अभी कुछ नहीं कहेंगी और गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस होगी। यानी बैठक के बाद ममता ने राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया। इसी तरह बैठक के बाद इंडिया ब्लॉक की ओर से भी 2029 के लिए किसी एक नेता को प्रधानमंत्री पद का चेहरा घोषित करने की जानकारी सामने नहीं आई। फिलहाल बैठक का फोकस चुनाव आयोग और एसआईआर से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त आंदोलन की रणनीति पर रहा।
तेजस्वी यादव ने चुनाव और ज्ञानेश कुमार को लेकर क्या आरोप लगाए?
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बैठक के बाद एसआईआर को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एसआईआर की शुरुआत बिहार से हुई थी और उस समय विपक्ष ने चुनाव को ध्यान में रखकर बड़ी साजिश की आशंका जताई थी। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बिहार और बंगाल के चुनावों में धोखाधड़ी हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए कानून और नियमों में बदलाव किए गए तथा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाली समिति से मुख्य न्यायाधीश को हटाया गया। तेजस्वी ने ज्ञानेश कुमार को कठपुतली बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर फैसलों के पीछे होने का आरोप लगाया। ये तेजस्वी यादव के आरोप हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इन दावों की सच्चाई सामने आएगी।
तेजस्वी यादव ने जामुई की घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि पॉक्सो कानून के तहत पीड़ित की तस्वीर सार्वजनिक नहीं की जा सकती, लेकिन मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐसा किया। तेजस्वी ने दावा किया कि दूसरे लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, लेकिन मुख्यमंत्री होने के कारण सम्राट चौधरी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कानून सभी के लिए समान है या मुख्यमंत्री को इससे अलग रखा जा रहा है। यह भी तेजस्वी यादव का आरोप है। उन्होंने इस मुद्दे को भी विपक्ष के व्यापक राजनीतिक अभियान से जोड़ते हुए कानून के समान इस्तेमाल का सवाल उठाया।
इंडिया ब्लॉक ने आगे के आंदोलन के लिए क्या तय किया?
2 अक्तूबर के दिन गांधी जयंती से देश के हर जिले में एक सप्ताह का कार्यक्रम शुरू होगा।
6 अक्तूबर को इंडिया ब्लॉक के सभी सांसद संसद से चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे।
विपक्षी नेता राष्ट्रपति से मिलने का समय मांगेंगे और ज्ञापन सौंपेंगे।
दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने की घोषणा की गई।
लंबित याचिकाओं पर विपक्षी दल संयुक्त रूप से सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
एसआईआर को लेकर विरोध जारी रखने का फैसला लिया गया।
विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
अखिलेश और राहुल को लेकर समाजवादी पार्टी ने क्या कहा?
समाजवादी पार्टी सांसद मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि पूरा इंडिया ब्लॉक लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं की रक्षा के लिए एकजुट है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव, राहुल गांधी और गठबंधन के दूसरे नेता मिलकर काम कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी ने बैठक में हरेंद्र सिंह मलिक और मोहिबुल्लाह नदवी को प्रतिनिधि के तौर पर भेजा था। हरेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि समाजवादी पार्टी INDIA गठबंधन के साथ रहेगी और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी की रणनीति स्पष्ट है। वहीं, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने कहा कि 6 अक्तूबर को सांसद चुनाव आयोग तक मार्च करेंगे और लंबित मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का संयुक्त रुख किया जाएगा। राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराई।