कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को केंद्र सरकार पर नौकरियों की कमी को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अक्षमता ने अहंकार के साथ मिलकर सरकार को 'नैतिक दिवालियापन की पाठ्यपुस्तक का मामला' बना दिया है।
गांधी ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला दिया जिसमें ऊबर ड्राइवर का कहना था कि सरकार ने नौकरियां नहीं दीं और उसे लाखों खर्च करने के बाद एक नौकरी मिली। ड्राइवर ने यह बयान तब दिया जब उससे नीति आयोग की उस रिपोर्ट के बारे में सवाल किया गया था जिसमें कहा गया था कि ओला/ऊबर से दो मिलियन नौकरियां पैदा हुई हैं।
राहुल गांधी ने फेसबुक पोस्ट पर लिखा, 'अहंकार के साथ मिलकर अक्षमता ने इस सरकार को नैतिक दिवालियापन की एक पाठ्यपुस्तक का मामला बना दिया है।' गांधी ने बेरोजगारी के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर हमला बोला और उनपर वह वादा पूरा न करने का आरोप लगाया जो उन्होंने सत्ता में आने से पहले किया था। मोदी ने कहा था कि वह हर साल 2 करोड़ नौकरियां पैदा करेंगे।
बेरोजगारी को लेकर सरकार पर उनके हमले राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण कार्यालय की एक रिपोर्ट के आधार पर बढ़ गए हैं जिसमें कहा गया था कि बेरोजगारी की दर 45 साल के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गई है। इस रिपोर्ट को एक अंग्रेजी अखबार ने प्रकाशित किया था। हालांकि अपने बचाव में सरकार ने कहा था कि सर्वे की रिपोर्ट अंतिम नहीं है।