प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रविवार को हरियाणा के कुंडली से बागपत, गाजियाबाद और नोएडा होते हुए पलवल तक जाने वाले ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे और मेरठ-दिल्ली एक्सप्रेस-वे के पहले चरण का लोकार्पण करने के बाद विपक्ष ने उन पर जमकर निशाना साधा। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने उन पर कांग्रेस नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के प्रोजेक्ट का श्रेय लेने का आरोप लगाया तो समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने रोड शो से गन्ना किसानों का बकाया चुकता नहीं होने का तंज कसा।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पीएम पर यूपीए के प्रोजेक्ट का श्रेय हथियाने का आरोप लगाने के बाद बागपत में बकाये को लेकर धरने पर बैठे किसान की आत्महत्या को लेकर भी उनकी आलोचना की। बता दें कि बागपत के खेकड़ा में ही रविवार को प्रधानमंत्री ने बाकायदा रैली करते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे को आम जनता के आवागमन के लिए समर्पित किया है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि ईस्टर्न पेरिफेरल हाईवे का उद्घाटन तो सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप पर हुआ है। उन्होंने कहा, बागपत, मेरठ, शामली, मुजफ्फरनगर और बिजनौर के लोग जानते हैं कि किसानों का गन्ने का कितना बकाया है। रोड शो से गन्ने का जो बकाया पैसा है, वो तो मिलना नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया, तब सड़क का उद्घाटन हुआ है।
रालोद ने फिर उठाया कैराना का मुद्दा
प्रधानमंत्री के कैराना उपचुनाव से महज एक दिन पहले एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करते हुए रैली में विपक्षी दलों की आलोचना करने को लेकर राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने फिर एक बार उन्हें घेरने की कोशिश की।
बता दें कि रालोद ने पीएम की इस रैली से कैराना उपचुनाव प्रभावित होने की आशंका जताकर चुनाव आयोग से शिकायत की थी, लेकिन आयोग ने बागपत में आचार संहिता लागू नहीं होने की बात कहकर उसकी शिकायत नकार दी थी। रविवार को पीएम की रैली के बाद रालोद के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा कि पिछले चार साल में मोदी सरकार कुछ नहीं कर पाई है। ऐसे में अब वह चुनाव प्रभावित करने के लिए सुनियोजित साजिशें रच रही है।