शुक्रवार को वायनाड पहुंचे कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर देश में गुस्से और नफरत का माहौल बनाने का आरोप लगाया और कहा कि यह भारत और उसके लोगों के हित के खिलाफ है। निलंबित भाजपा नेता नूपुर शर्मा के खिलाफ पैगंबर पर टिप्पणियों के लिए सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर पत्रकारों के एक सवाल के जवाब में कांग्रेस सांसद ने कहा कि शीर्ष अदालत ने जो कहा वह सच है। लेकिन देश में माहौल उस व्यक्ति द्वारा नहीं बनाया गया है जिसने टिप्पणी की। यह केंद्र में सत्तारूढ़ सरकार द्वारा बनाया गया है। यह प्रधानमंत्री है, यह गृह मंत्री है, यह भाजपा और आरएसएस है जिसने यह माहौल बनाया है। क्रोध और घृणा का वातावरण। उन्होंने इसे देश विरोधी करार देते हुए कहा कि यह भारत के हित के खिलाफ है।
कार्यालय में तोड़फोड़ को बताया दुर्भाग्यपूर्ण
राहुल गांधी ने शुक्रवार को यहां अपने सांसद कार्यालय का भी दौरा किया जिसमें हाल ही में सत्तारूढ़ सीपीआई (एम) के छात्र विंग एसएफआई के कार्यकर्ताओं ने तोड़फोड़ की थी। अपने निर्वाचन क्षेत्र के तीन दिवसीय दौरे पर आए राहुल पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ कार्यालय पहुंचे और नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि यह वायनाड के लोगों का कार्यालय है और वामपंथी छात्रों के कैडर ने जो किया वह काफी दुर्भाग्यपूर्ण बात है। उन्होंने कहा कि हिंसा कभी भी समस्याओं का समाधान नहीं करती है और उनके मन में उनके प्रति कोई क्रोध या शत्रुता नहीं है।
राहुल ने कहा, देश में हर जगह आप यह विचार देखते हैं कि हिंसा से समस्याओं का समाधान हो जाएगा। हिंसा कभी समस्याओं का समाधान नहीं करती, यह अच्छी बात नहीं है, उन्होंने गैर-जिम्मेदार तरीके से काम किया। लेकिन मुझे उनके प्रति कोई गुस्सा या दुश्मनी नहीं है। हिंसा में शामिल एसएफआई कार्यकर्ताओं को उन्होंने 'बच्चे' कहा। पिछले हफ्ते राहुल गांधी के खिलाफ एसएफआई का एक विरोध मार्च हिंसक हो गया था, जब वामपंथी कार्यकर्ताओं के एक समूह ने उनके कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की थी।
इसकी मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कड़ी निंदा की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी। गांधी के लोकसभा क्षेत्र वायनाड में कलपेट्टा में अपने शीर्ष नेता के कार्यालय में एसएफआई द्वारा "हिंसा के कृत्य" की कड़ी कार्रवाई की बात कही थी। इसे लेकर कांग्रेस ने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया था जो कुछ क्षेत्रों में हिंसक हो गया। यह घटना तब हुई जब एसएफआई कार्यकर्ताओं ने जंगलों के आसपास बफर जोन के मुद्दे पर गांधी की निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए उनके कार्यालय तक मार्च निकाला था।
कांग्रेस के ‘जेन्विन सिम्पल टैक्स’ को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ में बदला: राहुल
राहुल ने जीएसटी के पांच वर्ष पूरे होने पर आरोप लगाया कि उनकी पार्टी ने जिस ‘जेन्विन सिम्पल टैक्स’ की कल्पना की थी, उसे मोदी सरकार ने ‘गब्बर सिंह टैक्स’ में बदल दिया। उन्होंने ट्वीट किया कि कांग्रेस के ‘जेन्विन सिम्पल टैक्स’ को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ में तब्दील कर दिया। जीएसटी की छह दरें और 1826 दिनों में 1000 से अधिक संशोधन किए गए। क्या यह सरल है? यह कारोबार विशेषकर एमएसएमई के लिए बुरे सपने की तरह है। कांग्रेस ‘जीएसटी 2.0’ के माध्यम से कारोबार और रोजगार को पटरी पर लाएगी। इसमें जीएसटी की कम दर होगी और राज्यों के साथ ईमानदारी के साथ साझा किया जाएगा।