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राफेल सौदा: उच्चतम न्यायालय में दायर हुई नई याचिका, 10 अक्तूबर को सुनवाई

Mon, 08 Oct 2018 11:44 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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उच्चतम न्यायालय
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भारत और फ्रांस के बीच हुए राफेल लड़ाकू विमान पर जारी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी बीच राफेल सौदे के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में एक नई याचिका दायर की गई है। जिसपर न्यायालय ने 10 अक्टूबर को सुनवाई करने के लिए सोमवार को हामी भरी है। जनहित याचिका में न्यायालय से केन्द्र को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह सौदे की विस्तृत जानकारी और संप्रग तथा राजग सरकारों के दौरान विमान की कीमतों का तुलनात्मक विश्लेषण सील बंद लिफाफे में न्यायालय को सौंपे।

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प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एस. के. कौल और न्यायमूर्ति के. एम. जोसेफ की पीठ अधिवक्ता विनीत धांडा की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी। इससे पहले 5 सितंबर को उच्चतम न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की गई थी। जिसमें इस सौदे पर रोक लगाने के लिए कहा गया था। अधिवक्ता एम एल शर्मा की दलीलों पर गौर करते हुए न्यायालय की पीठ ने उनकी अर्जी तत्काल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर लिया था। शर्मा ने अपनी अर्जी में फ्रांस के साथ लड़ाकू विमान सौदे में विसंगतियों का आरोप लगाते हुए उसपर रोक की मांग की थी।

बता दें कि राफेल मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में विपक्षी पार्टियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। इस मामले पर पीएम द्वारा साधी गई चुप्पी पर गांधी सवाल उठा रहे हैं। कांग्रेस का आरोप है कि पीएम मोदी ने फ्रांस की सरकार से 36 लड़ाकू विमान खरीदने का जो सौदा किया है उसका मूल्य यूपीए कार्यकाल में किए गए सौदे की तुलना में अधिक है। जिसकी वजह से सरकारी खजाने को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पार्टी का दावा है कि पीएम नरेंद्र मोदी ने इस सौदे को बदलवाया और ठेका एसएएल से लेकर रिलायंस डिफेंस को दे दिया।
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