एक तरह जहां कांग्रेस केंद्र सरकार पर राफेल लड़ाकू विमान के सौदों को लेकर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है वहीं दूसरी तरफ सूत्रों से पता चला है कि केंद्र सरकार जो राफेल लड़ाकू विमान खरीद रही है वो यूपीए द्वारा खरीदी जाने वाली राफेल से 16 फीसदी सस्ती हैं।
यूपीए सरकार ने फ्रांस की लड़ाकू विमान बनाने वाली कंपनी दसॉल्ट एविएशन से 60 हजार करोड़ में 36 राफेल लड़ाकू विमानों का सौदा किया था। यह सौदा बाद में कई कारणों से रद्द हो गया। इसके बाद मोदी सरकार ने इस सौदे को नए सिरे से आगे बढ़ाया और यूपीए द्वारा की गई डील से 16 फीसदी कम कीमत में डील को फाइनल करने में कामयाबी पाई।
वहीं कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार ने राफेल की खरीददारी में घोटाला किया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने एक वीडियो के जरिये आरोप लगाए हैं कि मनमोहन सरकार और मोदी सरकार के दौरान हुई अलग-अलग डील की तुलना की जाए तो इस बार कथित तौर पर महंगे विमान खरीदें हैं।
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सूत्रों ने बताया कि यूपीए सरकार न तो इन विमानों के दाम कम करवा पाई बल्कि 10 साल बाद भी विमान भारत ला पाने में कामयाब नहीं रही। वहीं नई डील के तहत अब देश को और भी शक्तिशाली और आधुनिक विमान मिलने जा रहा है। फ्रांस से मिलने वाले इन विमानों की मारक क्षमता भी पहले की तुलना बेहद बेहतर होगी।