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10 दिन में 4 भारतीयों पर हमले, जानें US में क्यों फैल रही नफरत की आग

Mon, 06 Mar 2017 06:26 PM IST
amarujala.com- मोहम्मद अकरम
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अमेरिका में रह रहे लाखों भारतीय डरे हुए हैं। बीते दो हफ्ते में करीब चार भारतीयों पर हमले हो चुके हैं, इनमें से दो की मौत हो चुकी है। इनमें भारतीय मूल के बिजनेसमैन हरनिश पटेल भी शामिल हैं। इन पर साउथ कैरोलिना में अटैक हुआ था, 2015 के बाद वह पांचवें भारतीय हैं, जो कि हेट क्राइम यानी नस्लभेद का शिकार बने।
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बहुत से लोगों को इस नस्लभेद शब्द पर कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अपने ही घर में सुलग रही दहशत की आग को अमेरिकी मीडिया का एक तबका अलग चश्मे से भी देख रहा है। उसकी नजर में अमेरिका में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमले नस्लभेद या फिर किसी सनकी के पागलपन नतीजा नहीं है, बल्कि यह ईसाइयों के कट्टरपंथ की ओर बढ़ते कदम हैं।

डोनाल्ड ट्रंप के आने के बाद से अमेरिका में न केवल हेट क्राइम बढ़ा है, बल्कि नाजीवादी संगठनों की संख्या भी बढ़ी है। vox.com ने हाल ही में एक पूर्व नाजी समर्थक का इंटरव्यू किया है, जिसमें उसने ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन को सलाह दी है कि श्वेत चरमपंथ को नजरअंदाज करना भारी भूल होगा। पूर्व नाजी समर्थक ने ट्रंप के नारे 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा- उनका मकसद 'मेक अमेरिकी व्हाइट अगेन' है।
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अमेरिका में मुस्लिम विरोधी समूहों की संख्या बढ़ी

अमेरिका स्थित सदर्न पॉवर्टी लॉ सेंटर (एसपीएलसी) के अध्ययन के मुताबिक, जब से डोनाल्ड ट्रंप के चुनाव अभियान की शुरुआत के बाद से देश में मुस्लिम विरोधी समूहों की संख्या 197 फीसदी बढ़ गई है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका में कम-से-कम 100 श्वेत राष्ट्रवादी ग्रुप हैं।

99 नाजी समर्थित, 52 एंटी-एलजीबीटी,  21 क्रिश्चियन कट्टरपंथी ग्रुप शामिल हैं। पिछले साल जब ट्रंप का चुनाव अभियान चल रहा था तब मास शूटिंग की 385 घटनाएं दर्ज की गईं। जबकि, 2015 में इस तरह की 333 और 2014 में 274 घटनाएं सामने आई।

गनवॉयलेंसअर्काइव. कॉम के अनुसार, 2017 में अमेरिका में सामूहिक तौर पर गोली मारकर हमले करने की कम-से-कम 255 घटनाएं हुई हैं। बंदूक से हिंसा करने के भी 9,043 मामले सामने आए हैं। 

अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई के आंकड़ों से पता पता चलता है कि मुसलमानों के खिलाफ हेट क्राइम के मामले तेजी से बढ़े रहे हैं। ट्रंप के चुनाव के शुरुआती दस दिनों के बाद हेट क्राइम की संख्या 867 थी। ट्रंप के चुनाव के अगले दिन हेट क्राइम की संख्या 200 के पार थी। इन आंकड़ों से साफ नजर आता है कि हेट ग्रुप्स के हौसले कितने बुलंद हैं और वे तेजी से बढ़ रहे हैं। अमेरिका में बंदूक की बिक्री भी वृद्धि दर्ज की गई है।
 

कंसास में हुई भारतीय इंजीनियर की हत्या

मृतक श्रीनिवास और आलोक
भारतीय इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोतला और आलोक मदासानी पर इसी राज्य में हमला हुआ था। श्रीनिवास की हमले में मौत हो गई है।

-कंसास प्रांत अमेरिका के मध्य-पश्चिम में स्थित है। इस राज्य का नाम कांसा कबीले के नाम पर है। यहां के लोगों को 'पीपल ऑफ विंड' के नाम भी जाना जाता है।

-कंसास में व्हाइट पॉपुलेशन सबसे ज्यादा है, जबकि ब्लैक और एशियन बेहद कम। यहां 5.9% ब्लैक और 2.4% प्रतिशत एशियन रहते हैं।

-कंसास की अर्थव्यवस्‍था कृषि आधारित है। सैम ब्राउन बैक कंसास के गवर्नर हैं। वह रिपब्लिकन पार्टी के नेता हैं।

कंसास को रिपब्लिकन पार्टी का गढ़ माना जाता है। डोनाल्ड ट्रंप इसी पार्टी के नेता हैं।

साउथ कैरोलिना: गुजराती कारोबारी को गोली मारी

हरनिश पटेल
गुजराती मूल के कारोबारी हरनिश पटेल की हत्या इसी राज्य में की गई। यहां 2015 से अब तक पांच भारतीयों पर हमले हो चुके हैं।

-इस राज्य में 68.4% आबादी व्हाइट है, जबकि 27.6% ब्लैक हैं।

-एशियाई मूल के लोगों की आबादी यहां सिर्फ 1.6% है।

वॉ‌शिंगटन स्टेट से संबंधित FACTS

39 वर्षीय सिख दीप राय को एक श्‍वेत ने हाथ में गोली मारी। दीप के मुताबिक उसने मास्क पहन रखा था। वह कह रहा था, मेरा देश छोड़कर चले जाओ....

-वॉशिंगटन स्टेट में 77.3% व्हाइट और मात्रा 3.6% ब्लैक पॉपुलेशन है।

-यहां एशियाई लोगों का प्रतिशत 7.2 है।

-अमेरिकी के पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंगटन के नाम पर इस स्टेट का नाम है।

श्वेत चरमपंथ को नजरअंदाज न करने की चेतावनी

अमेरिका में नव-नाजीवाद तेजी से बढ़ रहा है। यह रंग और नस्ल के आधार पर सर्वश्रेष्ठ बताने के साथ ही श्वेत सर्वोच्चता का भाव रखने वाला उग्रवाद है। अमेरिका में तेज से बढ़ रहे नव-नाजीवाद और व्हाइट उग्रवाद के खिलाफ एक पूर्व नव-नाजीवादी क्रिश्चियन पिक्कईओलिनी अमेरिका को खबरदार कर रहे हैं। उन्होंने हाल ही में vox.com को दिए इंटरव्यू में बताया कि वह 14 साल के थे, तब वह नव-नाजीवाद से जुड़े थे। एक वक्त जिंदगी पिक्कईओलिनी ऐसी जब उनका मकसद सिर्फ नफरत फैलाने था।

नस्लवाद और हिंसक चरमपंथ से लड़ने और लोगों को इसके खिलाफ जागरूक करने के लिए उन्होंने 'लाइफ आफ्टर हेट' नाम के संगठन की स्‍थापना की है। वह ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहते हैं कि 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' का मतलब 'मेक अमेरिका व्हाइट' अगेन है। अमेरिका में गैर श्वेतों पर हो रहे हमलों के बीच पिक्कईओलिनी ने चेताया है कि घर में तेज से पैर पसार रहे श्वेत चरमपंथ को नजरंदाज करना भारी भूल होगी। अमेरिका में बढ़ रही हेट क्राइम की घटनाओं पर वह कहते हैं कि इसमें आश्चर्य की कोई बात नहीं है।
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नाजी विचारधारा के बारे में Facts

हिटलर
साल 1919 में जर्मनी में हिटलर जर्मन वर्कर्स पार्टी (German Workers Party) में शामिल हुआ और कुछ ही वर्षों में वह इसका सर्वे-सर्वा बन गया था। हिटलर ने मुसोलिनी की विचारधारा एवं पार्टी संगठन के आधार पर ही इस पार्टी का पुनर्गठन  किया था।

हिटलर की ओर से किए गए बदलावों के बाद जर्मन वर्कर्स पार्टी, नेशनलिस्ट सोशलिस्ट जर्मन वर्कर्स पार्टी (Nationalist, Socialist German Workers Party) के नाम से स्‍थापित हुई। बाद में नाजी पार्टी के तौर पर इसका नाम चलन में आ गया।
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