भाजपा नेता ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल को खुलकर इन आरोपों को स्वीकार कर लेना चाहिए, या इनका खंडन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज पंजाब में मतदान चल रहा है। यदि अरविंद केजरीवाल खालिस्तान या भिंडरावाले के समर्थक नहीं हैं तो उन्हें तुरंत ट्वीट कर बयान जारी करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने कहा है कि अरविंद केजरीवाल ऐसा कभी नहीं करेंगे क्योंकि यह एक सच्चाई है कि वे खालिस्तान के प्रति सॉफ्ट कॉर्नर रखते हैं।
सुरक्षा सबसे बड़ा मुद्दा बना
- माना जा रहा है कि इस विवाद के बाद पंजाब विधानसभा चुनाव में सुरक्षा का मुद्दा मतदान में सबसे अहम रोल निभा सकता है। पाकिस्तान के करीब बसे पंजाब के लोगों के जेहन में अभी भी 1984 के पहले वाले आतंकवाद की खतरनाक यादें ताजा हैं और वे किसी भी कीमत पर पंजाब को ऐसी हालत में नहीं लाना चाहेंगे जहां आतंकवाद को एक बार फिर पनपने का मौका मिले। ऐसी सूरत में लोग सुरक्षा और पंजाब की अखंडता का मुद्दा ध्यान में रखकर मतदान कर सकते हैं।
- कांग्रेस ने भी मतदान को सुरक्षा के मुद्दे से जोड़ने की कोशिश कर इस मामले को उछाल दिया है। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि आज का पंजाब केवल पांच साल के लिए मतदान नहीं कर रहा है, बल्कि यह पंजाब के भविष्य को लेकर मतदान कर रहा है और यह मतदान पंजाब के भविष्य को निर्धारित करेगा। सिद्धू के इस बयान का अर्थ पंजाब की सुरक्षा और खालिस्तान से इसकी अखंडता के खतरे से जोड़कर देखा जा रहा है।
हिंदू-सिख टकराव कराने की साजिश
भाजपा नेता सरदार आरपी सिंह ने कहा कि आजादी से लेकर अब तक पंजाब में सिखों और हिंदू समुदाय के बीच कभी तनाव का माहौल नहीं रहा। हिंदू समुदाय पंजाब में पूरी इज्जत के साथ रहता रहा है और पंजाब के विकास में अपनी भागीदारी निभाता रहा है, लेकिन अब आम आदमी पार्टी जानबूझकर हिंदुओं-सिखों में टकराव पैदा करने की कोशिश कर रही है जिससे उसे वोटों का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश का एक राजनीतिक दल ही देश को तोड़ने की राजनीति कर रहा है।
पंजाब की अखंडता के लिए लोग कर सकते हैं मतदान
राजनीतिक विश्लेषक सुनील पांडे ने अमर उजाला से कहा कि मतदान के ठीक पहले खालिस्तान का मुद्दा गरमाने से आम आदमी पार्टी को इसका सीधा नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि बॉर्डर एरिया में रहने वाले लोग सुरक्षा के प्रति बहुत ज्यादा संवेदनशील होते हैं, यह संवेदनशीलता कश्मीर से लेकर पंजाब तक हर जगह देखी जा सकती है। आतंकवाद की लपट लोगों को इसके प्रति और अधिक संवेदनशील बना देती है।
उन्होंने कहा कि पंजाब में बड़ी संख्या में अभी भी ऐसे लोग हैं जिन्होंने 1984 के पहले के आतंकवाद के दौर में अपने बेटे-भाई-बहन या अन्य करीबी लोगों को खोया है। ऐसे परिवार मतदान के समय सुरक्षा को कतई नजरअंदाज नहीं कर सकते। पंजाब में बड़ी संख्या में सैनिक परिवार रहते हैं जो युद्ध और आतंकवाद की विभीषिका को सामान्य लोगों से ज्यादा अच्छी तरह समझते हें और उसके प्रति संवेदनशील होते हैं। ऐसे लोग अपने मतदान के समय सुरक्षा और पंजाब की अखंडता को सबसे ज्यादा प्राथमिकता देंगे।
हिंदू-सिख टकराव कराने की साजिश
भाजपा नेता सरदार आरपी सिंह ने कहा कि आजादी से लेकर अब तक पंजाब में सिखों और हिंदू समुदाय के बीच कभी तनाव का माहौल नहीं रहा। हिंदू समुदाय पंजाब में पूरी इज्जत के साथ रहता रहा है और पंजाब के विकास में अपनी भागीदारी निभाता रहा है, लेकिन अब आम आदमी पार्टी जानबूझ कर हिंदुओं-सिखों में टकराव पैदा करने की कोशिश कर रही है जिससे उसे वोटों का लाभ मिले। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश का एक राजनीतिक दल ही देश को तोड़ने की राजनीति कर रहा है।