पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को चुनाव से पहले उन सभी फाइलों को निपटाने को कहा गया है, जिन्हें रोकने या दबाए रखने का आरोप उनकी सरकार पर हैं। कांग्रेस नेतृत्व भले ही पंजाब में कैप्टन को नहीं बदलना चाहती, लेकिन उनके खिलाफ शिकायतों को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहती।
गुरुग्रंथ साहिब की बेअदबी मामले में कैप्टन सरकार को आरोपियों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया है। कैप्टन को करीब 18 बिंदुओं पर काम करने का निर्देश दिया गया है।
नेतृत्व ने तीन सदस्यीय कमेटी के जरिये कैप्टन को एक्शन मोड में आकर राज्य में ड्रग्स, ट्रांसपोर्ट और रेत माफिया के सिंडिकेट पर शिकंजा कसने को कहा है। दरअसल इन्हीं सब समस्याओं को मुद्दा बनाकर कांग्रेस ने राज्य में पिछला चुनाव जीता था।
कैप्टन के मुख्यमंत्री बनने के बाद लगातार पार्टी के भीतर इन माफिया से निटपने की मांग उठती रही है। कांग्रेस के विधायक कैप्टन पर माफिया के खिलाफ कार्रवाई न करने का आरोप लगाते रहे हैं। विधायकों के बेटों को सरकारी नौकरी देने को लेकर भी कैप्टन को अपना पक्ष स्पष्ट करना होगा क्योंकि पार्टी अध्यक्ष सुनील जाखड़ समेत कई नेताओं ने इस फैसले पर भी सवाल उठाया है।
कांग्रेस 200 यूनिट बिजली फ्री देने का एलान कर सकती है
आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल पंजाब यात्रा में मुफ्त बिजली की घोषणा कर चुके हैं। इसी तर्ज पर कैप्टन सरकार भी सभी उपभोक्ताओं को दो सौ यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा करने जा रही है। कैप्टन को बिजली वितरण कंपनियों पर अंकुश लगाने और कुछ को बाहर का रास्ता दिखाने को कहा गया है।
कैप्टन को घोषणा पत्र में एक लाख रोजगार देने के वादे को जल्द पूरा करने, अस्थाई कर्मचारियों को नियमित करने, सफाई कर्मचारियों को नियमित करने पर तत्काल काम करने को कहा गया है। स्पेशल कंपोनेंट प्लान को कानूनी जामा पहनाने, छात्रवृत्ति लागू करने और अनुसूचित जाति के लोगों की कर्ज माफी का कानून बनाने को कहा गया है।
प्रभारी हरीश रावत करेंगे सिद्धू से बात
पंजाब प्रभारी महासचिव हरीश रावत को असंतुष्ट नेता नवजोत सिंह सिद्धू से बातचीत कर मनाने का जिम्मा सौंपा गया है। रावत उसने कैप्टन के खिलाफ सार्वजनिक बयानबाजी से बचने पर बात करेंगे। नेतृत्व ने सिद्धू की शिकायतों को गंभीरता से लिया है। सूत्रों के अनुसार चुनाव से संबंधित कमेटियों या संगठन में सिद्धू को जगह मिल सकती है।