पंजाब कांग्रेस में जारी कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पार्टी आलाकमान पंजाब कांग्रेस की कलह यानी कैप्टन बनाम क्रिकेटर की जंग को खत्म करने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। वहीं, इस कलह को दूर करने के प्रयासों के बीच पूर्व मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने बुधवार को कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मुलाकात की। इससे पहले, उन्होंने कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ लंबी बैठक भी की थी।
प्रियंका के साथ मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए सिद्धू ने ट्वीट किया, 'प्रियंका गांधी जी के साथ लंबी मुलाकात हुई।' दिन में प्रियंका से मुलाकात के बाद सिद्धू ने शाम के समय राहुल गांधी के 12 तुगलक लेन आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। इससे पहले खबरें आई थीं कि सिद्धू राहुल गांधी से मंगलवार को मुलाकात कर सकते हैं। हालांकि राहुल गांधी ने कहा था मंगलवार को सिद्धू के साथ उनकी कोई मुलाकात तय नहीं है।
सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस आलाकमान, संगठन या सरकार में सिद्धू को कोई अहम जिम्मेदारी देकर मनाने की कोशिश में है, लेकिन सिद्धू लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि मुख्यमंत्री उनके साथ काम नहीं कर सकते। हाल के कुछ हफ्तों से सिद्धू और पंजाब कांग्रेस के कुछ अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है। कांग्रेस को डर है कि कहीं वह इस कलह के चलते पंजाब में भी सत्ता न खो दे।
सिद्धू का कहना है कि गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी के मामले में अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए कारगर कदम भी नहीं उठाए गए। पंजाब में कांग्रेस की कलह दूर करने के प्रयास के तहत राहुल गांधी ने हाल के दिनों में पार्टी के कई नेताओं के साथ मंथन भी किया था। पार्टी की तीन सदस्यीय समिति ने भी 100 से अधिक नेताओं और मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ मंत्रणा की थी।
उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले नवजोत सिंह सिद्धू के राहुल गांधी से मिलने की खबरों ने किरकिरी करवा दी थी। दरअसल, सिद्धू के करीबियों ने सोमवार को मीडिया में यह खबर फैलाई कि नवजोत सिंह सिद्धू को प्रियंका गांधी और राहुल गांधी ने मिलने के लिए बुलाया है। इसके बाद राहुल गांधी ने मंगलवार को नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान साफ कर दिया था कि उन्होंने सिद्धू को मिलने के लिए नहीं बुलाया है।
आलाकमान ने क्रिकेटर नहीं कैप्टन को बुलाया
पंजाब कांग्रेस के अंदर की कलह पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह आलाकमान की तीन सदस्यीय समिति से दूसरी बार मिलने गए थे। विवाद का मुख्य कारण सिद्धू द्वारा कैप्टन के कामकाज पर सवाल उठाना है। माना जा रहा था कि आलाकमान दोनों को बुलाकर विवाद का निपटारा करेगा, लेकिन हुआ उलट। केवल कैप्टन को ही बुलाया गया और उनकी बात सुनी गई।
चर्चा में राहुल और सिद्धू की मुलाकात
सिद्धू को आलाकमान से जब कोई न्योता नहीं मिला, तो सोमवार को उनकी राहुल व प्रियंका से मुलाकात की खबर फैला दी गई। यह ऐसा मौका भी था, जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल चंडीगढ़ में थे। सिद्धू के आम आदमी पार्टी में शामिल होने व मुख्यमंत्री का चेहरा बनाए जाने की खबरें कई दिनों से चर्चा में हैं।