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Punjab Elections 2022: पंजाब के 'Atal Apartments Project' की क्यों हो रही है चर्चा, इसमें साहिर लुधियानवी का नाम कैसे जुड़ा?

Sat, 18 Dec 2021 06:04 PM IST
प्रतिभा ज्योति न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।

सार

शायर बड़े या नेता। अपने-अपने क्षेत्र में दोनों ही बड़ा नाम, किसे ज्यादा आंकें, कैसे किसी का कद कम करने की हिमाकत करें। लड़ाई इसी बात को लेकर थी.....चुनाव करीब आते ही मामला सुलझ गया।
 
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पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी - फोटो : ANI
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विस्तार
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पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले इन दिनों लुधियाना में बनने वाली एक आवासीय परियोजना काफी चर्चा है, क्योंकि इस परियोजना का नाम  'साहिर लुधियानवी अपार्टमेंट' करने को लेकर विवाद छिड़ा हुआ था।  लेकिन कांग्रेस सरकार ने इस योजना को छोड़ते हुए परियोजना को पुराने नाम से ही फिर चालू कर दिया है। राज्य के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने  गुरुवार को 'अटल अपार्टमेंट परियोजना' की आधारशिला रखकर इसे फिर से शुरू किया है।
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यह फैसला अगले साल की शुरुआत में होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव से पहले आया है। एलआईटी के अध्यक्ष रमन बालासुब्रमण्यम ने मीडिया को बताया कि प्रारंभिक परियोजना योजना में मौजूद तकनीकी खामियों को दूर करने के बाद परियोजना को फिर से शुरू किया गया है। 

क्या है 'अटल अपार्टमेंट' परियोजना’
'अटल अपार्टमेंट परियोजना ' एक दशक पहले 2010-11 में तत्कालीन शिअद-भाजपा सरकार लेकर आई थी और इसका नाम पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर रखा गया था। हालांकि, परियोजना आज तक शुरू नहीं हो सकी है और करीब 11 साल से यह लटकी हुई है। यह परियोजना लुधियाना इंप्रूवमेंट ट्रस्ट (एलआईटी) चलाने जा रही है और इसे तीन साल में बनाने का लक्ष्य रखा है।
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अटल बिहारी वाजपेयी - फोटो : social media
12वीं मंजिल की आवासीय योजना
यह 12वीं मंजिल की आवासीय योजना है। जिसमें 336 एचआईजी और 240 एमआईजी तक के 576 फ्लैट होंगे। एलआईटी ने साहिर लुधियानवी के लुधियाना से ताल्लुक रखने की वजह से परियोजना का नाम बदलकर ‘साहिर लुधियानवी अपार्टमेंट’ करने का फैसला किया था जिसके बाद यह सारा मामलों विवाद में आ गया। 

कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने थी
इसी बात को लेकर भाजपा और कांग्रेस में छिड़ गई थी। भाजपा इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेर रही थी। कभी भाजपा की सहयोगी रही अकाली दल ने भी एलआईटी के इस फैसले की कड़ी आलोचना की। भाजपा और अकाली दल ने इसे पूर्व प्रधानमंत्री का अपमान बताया था।

शिरोमणि अकाली दल के पूर्व विधायक रंजीत ढिल्लों ने उद्घाटन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लॉन्च हो चुकी परियोजना को चुनाव में लाभ लेने के लिए   फिर से लॉन्च किया गया है। भाजपा के के प्रदेश उपाध्यक्ष परवीन बंसल ने अपने बयान में कहा, 'यह कवायद इसलिए की जा रही है ताकि कांग्रेस दिखा सके कि उसने बड़े पैमाने पर विकास किया है, लेकिन असर में जमीन पर कुछ नहीं हुआ है।
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साहिर लुधियानवी
कांग्रेस ने क्यों छोड़ा नाम बदलने का विचार
बताया जा रहा है कि कांग्रेस ने नाम बदलने की योजना को इसलिए छोड़ दिया क्योंकि क्योंकि सरकार को फिर से सभी दस्तावेजों में संशोधन करना होता और संबंधित विभागों से मंजूरी लेनी होती। 

एलआईटी ने क्या कहा
एलआईटी के अध्यक्ष और कांग्रेस नेता रमन बालासुब्रमण्यम ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा हमारा उद्देश्य साहिर लुधियानवी को श्रद्धांजलि देना था न कि अटल बिहारी वाजपेयी का अपमान करना। वह पार्टी लाइनों से परे एक राजनीतिक दिग्गज थे। अब हम साहिर लुधियानवी को श्रद्धांजलि देने के लिए एक नई परियोजना लेकर आ रहे हैं और एससीडी गवर्नमेंट कॉलेज में 25 एकड़ में एक सभागार, स्मारक और पुस्तकालय बनेगा।
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