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P Chidambaram: सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च के खिलाफ कार्रवाई 'असंवैधानिक', चिदंबरम ने की सरकार के फैसले की आलोचना

Thu, 18 Jan 2024 08:33 PM IST
निर्मल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

P Chidambaram: पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने सीपीआर के एफसीआरए लाइसेंस को रद्द करने के फैसले की निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस कदम से थिंक टैंक की आजादी खत्म हो जाएगी। 
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पी चिदंबरम - फोटो : एएनआई (फाइल)
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने थिंक टैंक 'सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च' (सीपीआर) का एफसीआरए लाइसेंस रद्द करने के फैसले की आलोचना की है। उन्होंने इस कदम को 'असंवैधानिक' करार दिया है। उन्होंने कहा कि अगर सीपीआर के शोध और विचार सरकार की नीति के अनुरूप होंगे, तो यह उसकी अकादमिक आजादी को खत्म करने जैसा होगा। 
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केंद्रीय गृह मंत्रालय - फोटो : सोशल मीडिया
गृह मंत्रालय ने रद्द किया एफसीआरए लाइसेंस
केंद्रीय गृह मंत्रालय (एमएचए) ने हाल ही में सीपीआर का एफसीआरए लाइसेंस रद्द किया है। मंत्रालय ने सीपीआर पर भारत के आर्थिक हितों को प्रभावित करने के लिए विदेशी फंडिंग का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है। वहीं, एफसीआरए लाइसेंस रद्द करने को लेकर थिंक टैंक का कहना है कि यह उसकी 'समझ से बाहर' है और वह इसके खिलाफ कानूनी कदम उठाएगा। .
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पी चिदंबरम - फोटो : सोशल मीडिया
सोशल मीडिया पर पूर्व केंद्रीय मंत्री ने क्या कहा
चिदंबरम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट की। इसमें उन्होंने लिखा कि अगर स्वतंत्र शोध और विचार (सरकार की) आर्थिक नीतियों में कमियों की ओर इशारा करते हैं, तो यह देश के लिए अच्छा है। मैं तो कम से कम यही सोचता हूं। लेकिन, सरकार सोचती है कि इस तरह के शोध और विचारों से भारत के आर्थिक हितों को नुकसान पहुंचता है। भारत के आर्थिक हितों का आखिरी जज कौन है? सरकार या जनता?
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सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च - फोटो : सोशल मीडिया
खत्म हो जाएगी सीपीआर की अकादमिक आजादी
पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, 'अगर शोध और विचार सरकार की लाइन के अनुरूप होते हैं, तो यह (सीपीआर की) अकादमिक स्वतंत्रता को खत्म करने जैसा होगा। शायद सरकार को लगता है कि जब नीति आयोग है तो किसी और को शोध क्यों करना चाहिए और राय क्यों देनी चाहिए?'
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